हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी की कोर्ट में हंगामा, केस दर्ज
- कोर्ट में किया अभद्र भाषा का प्रयोग, कार्यकारी निर्देश ने दी शिकायत
- सेक्टर-5 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की मामले की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी पंचकूला के कार्यकारी निर्देशक की कोर्ट में अभद्र भाषा का प्रयोग और हंगामा करने के मामले में सेक्टर-5 थाना पुलिस ने केस दर्ज जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने यह कार्रवाई हरियाणा रेगुलेटरी अथॉरिटी पंचकूला के कार्यकारी निर्देशक आरपी गुप्ता की शिकायत पर पंचकूला निवासी आरोपी विनीत हांडा के खिलाफ की है।
कार्यकारी निर्देशक आरपी गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी ने कोर्ट में जहां अभद्र भाषा का प्रयोग किया। वहीं, कार्य में बाधा भी डाली। इतना ही नहीं कोर्ट में हंगामा भी किया। उन्होंने बताया कि अथॉरिटी द्वारा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स एवं इससे जुड़े विभिन मुद्दों व नए प्रोजेक्ट्स की रेजिस्ट्रेशन संबंधी जिला सचिवालय में प्रत्येक सप्ताह मीटिंग होती है। इसी प्रकार अथॉरिटी की 42वीं मीटिंग 18 फरवरी को दोपहर 12 बजे शुरू हुई। जिसमें अथॉरिटी के चेयरमैन रिटायर्ड आईएएस राजन गुप्ता, सदस्य एके पंवार, कार्यकारी निर्देशक आरपी गुप्ता, चीफ टाउन प्लांनर अरविंद मेहतानी, बजट एंड फाइनेंस अधिकारी केएल कपूर, प्रबंध क अधिकारी केएल बंसल, लॉ एसोसिएट तरुण रंगा और लॉ एसोसिएट सरिता भी मौजूद थीं। रूटीन एजेंडा पर विचार विमर्श के बाद जैसे ही ढींगरा जरडीएन इंफ्रास्ट्रक्टर प्राइवेट लिमिटेड प्रोजेक्ट की रेजिस्ट्रशन के केस पर सुनवाई शुरू हुई प्रोजेक्ट के मृतक निर्देशक की पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर मनवीर सिंह ओबराय एवं कुछ अन्य अलॉटी कोर्ट रूम में दाखिल हुए। चीफ टाउन प्लानर ने केस से जुड़े तथ्यों को ब्रीफ किया और सुनवाई के बाद अथॉरिटी द्वारा फैसला लिया गया कि इस प्रोजेक्ट को रजिस्टर करवाने के लिए व कुछ अन्य फॉर्मलिटीज पूरी करने के बाद दोबारा एप्लीकेशन देनी पड़ेगी। इतना सुनते ही कोर्ट रूम में मौजूद एक व्यक्ति जिस की पहचान बाद में विनीत हांडा के रूप में हुई। उसने कोर्ट में शोर मचाना शुरू कर दिया और माननीय अदालत के साथ दुर्व्यवहार करते हुए जबरन अपनी बात मनवाने की कोशिश करने लगा। आरोप है कि विनीत हांडा ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कोर्ट रूम में मौजूद दूसरे अलॉटी को भी उकसाया। जिसके चलते विनीत हांडा को कोर्ट रूम से बाहर भेज दिया गया। इसके 10 मिनट बाद विनीत हांडा फिर से कोर्ट रूम में आ गया और अथॉरिटी सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया। इसके बाद विनीत हांडा कोर्ट रूम से चला गया। अथॉरिटी को पता चला कि ना तो विनीत हांडा के पास कोई एप्लीकेशन देने का अधिकार है और ना ही वह प्रोजेक्ट का अलॉटी है। वह तो कोर्ट रूम में प्रोजेक्ट के सब कांट्रेक्टर के तौर पर आया था। सेक्टर-5 थाना पुलिस ने कार्यकारी निर्देशक आरपी गुप्ता की शिकायत पर विनीत हांडा के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।