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एचसी वारंट अफसर ने थाना भदौड़ पहुंच तीन युवक करवाए रिहा।

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हाईकोर्ट के वारंट अफसर ने थाना भदौड़ पहुंच तीन युवक कराए रिहा
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पीड़ित परिवारों ने हाईकोर्ट से पुलिस के टार्चर से बचाने की अपील की थी
भदौड़ के प्रभारी सहित तीन मुलाजिम हाईकोर्ट में तलब
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। थाना भदौड़ की हवालात में अवैध रूप से बंद किए जंगिआना के तीन युवकों को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के वारंट अफसर सतीश ग्रोवर ने छापामारी कर मुक्त कराया है। पुलिस के खिलाफ नौजवानों से कई दिनों तक मारपीट करने, रिहा करने के बदले परिवारों से रिश्वत मांगने, थर्ड डिग्री टार्चर के आरोप हैं। जिसको लेकर हाईकोर्ट ने थाना भदौड़ के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर गौरववंश, एएसआई जरनैल सिंह व रीडर सिपाही गुरप्रीत सिंह को 16 अक्टूबर को तलब होने के आदेश दिए हैं। साथ ही तीनों अपील करने वाले कुलवीर सिंह, हीरा सिंह व आत्मा सिंह को भी कोर्ट में शामिल होने को कहा है।
आधी रात को की छापामारी
24 सितंबर को पीड़ित परिजनों ने युवकों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखकर पिटाई करने की सूचना पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंचाई। मामले की शिकायत के आधार पर हाईकोर्ट ने सतीश ग्रोवर को बतौर वारंट अफसर नियुक्त किया था। जिन्होंने 24 सितंबर को रात 12 बजे भदौड़ थाना पहुंचकर छापामारी की। वहां मारपीट से चिल्ला रहे मनदीप सिंह, परगट सिंह और उनके साथ थाने में बंद स्वर्ण सिंह को भी रिहा कराया। वारंट अफसर के पहुंचने की सूचना पाते ही मौके पर डीएसपी तपा तेजिंदर सिंह भी पहुंचे और उन्होंने एएसआई जरनैल सिंह सहित अन्य पुलिस मुलाजिमों के बयान दर्ज किए।
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यह बताया मामला
जंगियाना निवासी आत्मा सिंह पुत्र बंत सिंह ने 3 अगस्त को थाना भदौड़ में अपनी ट्राली चोरी होने की शिकायत दी थी। आरोपियेां में गांव के तीन युवकों के नाम शामिल किए। पुलिस ने जंगियाना निवासी सतनाम सिंह व मनदीप सिंह तथा एक अन्य के खिलाफ चोरी का केस दर्ज कर जांच के नाम पर उनकी बुरी तरह पिटाई की। पीड़ित मनदीप सिंह के पिता गुरचरण सिंह ने बताया कि पुलिस ने मनदीप सिंह के चाचा परगट सिंह को भी उठा लिया व चोरी के आरोप में नग्न कर पीटा। यहां तक कि जब भी कोई पुलिस अधिकारी थाने में पहुंचता तो मनदीप सिंह, प्रगट सिंह व सतनाम सिंह को किसी कमरे में छिपा दिया जाता। मारपीट करके और घर भेजने का सिलसिला कई दिनों तक जारी रहा। जिसके बाद उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
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