तत्कालीन टाउन प्लानर समेत तीन के खिलाफ विजिलेंस जांच
इमारत निर्माण के नक्शे पास करने में सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। विजिलेंस ब्यूरो की जांच में नक्शे पास करने में इमारत मालिकों और निगम अधिकारियों की मिलीभगत से सरकार को चपत लगाने का मामला सामने आया है। विजिलेंस ब्यूरो ने प्राथमिक पड़ताल में आरोप साबित होने बाद तत्कालीन टाउन प्लानर समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
विजिलेंस अधिकारी ने बताया कि विभाग की प्राथमिक जांच पड़ताल में इस लापरवाही के लिए तत्कालीन निगम टाउन प्लानर (एमटीपी) मोनिका आनंद के अलावा एक सहायक निगम टाउन प्लानर (एटीपी) घई व एक अन्य अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जा चुका है। बता दें कि तत्कालीन निगम टाउन प्लानर (एमटीपी) मोनिका आनंद का तकरीबन 6 माह पहले यहां से जालंधर नगर निगम में तबादला हो गया है।
जिक्रयोग है नगर निगम जालंधर में इमारतें, कॉलोनियों के आडिट निरीक्षण में पाई त्रुटियों और अनियमितताओं के बाद स्थानीय सरकारों के बारे में मंत्री नवजोत सिद्धू की ओर से निलंबित 15 अधिकारियों में मोनिका आनंद भी शामिल हैं।
विजिलेंस ब्यूरो ने नगर निगम से लिखित पत्र से निगम के अधीन क्षेत्र में पिछले समय में इमारतों के निर्माण के लिए पास गए नक्शे आदि का रिकॉर्ड पेश करने को कहा है। विजिलेंस सूत्रों मुताबिक उनकी तरफ से की गई प्राथमिक पड़ताल में निगम अधिकारियों की ओर से इमारतों के नक्शे पास करते समय गंभीर वित्तीय त्रुटियां सामने आईं थीं। उनको शिकायत मिली थी कि निगम अधिकारियों ने इमारतों के नक्शे पास करते समय घोटालेबाजी की है। जांच पड़ताल में यह तथ्य सामने आए हैं कि इमारत मालिकों ने निगम अधिकारियों की मिलीभगत से इमारत निर्माण के नक्शे पास कराए हैं, उनमें निर्माण कम दिखाया है। लेकिन मौके पर बहु मंजिला इमारतें बना ली गईं। अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण सरकार को लाखों रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ और सरका को चपत लगी है।
फोटो कैप्शन - मोगा विजिलेंस ब्यूरो इमारत का द्रिश
फोटो कैप्शन - मोगा नगर निगम दफ्तर