महिला पुलिस अधिकारी ने मीडिया कर्मियों से किया दुर्व्यवहार
नाबालिग से रेप के मामले में कार्रवाई न होने पर पहुंचे थे कुछ कर्मी
दोनों पक्षों ने दी एक दूसरे के खिलाफ शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
बरनाला पुलिस पर नाबालिग से हुए रेप के केस में लीपापोती के आरोप लगे हैं। जब मीडियाकर्मी इस संबंध में जानकारी हासिल करने पहुंचे तो महिला सब इंस्पेक्टर ने पत्रकारों से दुर्व्यवहार किया। इस बारे में एक मीडिया कर्मी ने दुर्व्यवहार करने वाली महिला सब इंस्पेक्टर की शिकायत की है। जबकि महिला सब इंस्पेक्टर ने भी दो मीडिया कर्मियों के खिलाफ शिकायत दी है। महिला सब इंस्पेक्टर ने डीएसपी कुलदीप सिंह विर्क के सामने पेश होकर कहा कि एक मीडिया कर्मी अक्सर उसका पीछा करता रहता है और उसकी फोटो खींचता है। जिस कारण वह काफी परेशान है। दूसरी तरफ पत्रकारों ने सारा मामला एसएसपी के ध्यान में लाया। जानकारी के अनुसार एक नाबालिग लड़की का संदीप कुमार नाम का युवक अपहरण करके ले गया था। थाना सिटी के एसएचओ बलवंत सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में युवक संदीप कुमार के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया है। लड़की ने अपने बयान जज के सामने लिखवाए हैं। लड़की का मेडिकल भी करवाया गया है अभी तक इसकी रिपोर्ट नहीं आई। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डाक्टरों ने कहा-लड़की से हुआ दुष्कर्म
इस बारे में सिविल अस्पताल के एसएमओ जसवीर औलख से बात की तो उन्होंने कहा कि लड़की के साथ किसी ने दुष्कर्म किया है। जब सिविल अस्पताल में पत्रकारों ने महिला सब इंस्पेक्टर से इस संबंध में जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने मामले को टालने की कोशिश की। उक्त महिला सब इंस्पेक्टर ने वर्दी भी नहीं पहनी हुई थी। जब पत्रकारों ने उनकी फोटो खींचने की कोशिश की तो उन्होंने दुर्व्यवहार किया व खुद पत्रकारों की मूवी बनाने लगी कि आप मेरी बिना इजाजत के क्यों तस्वीर ले रहे हैं।
महिला अधिकारी को समझाया जाएगा
एसएसपी हरजीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि महिला पुलिस अधिकारी ने पत्रकारों से दुर्व्यवहार किया है तो उन्हें बुलाकर समझाया जाएगा और महिला सब इंस्पेक्टर का भी पक्ष सुना जाएगा। उन्होंने कहा कि रही बात पुलिस वर्दी पहनने की, लड़की नाबालिग थी, इसीलिए महिला पुलिस अधिकारी ने पुलिस वर्दी नहीं पहनी हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी के दौरान मीडिया कर्मी किसी भी महिला अधिकारी से किसी मामले में पक्ष लेने के लिए फोटो ले सकते हैं और बात कर सकते हैं। अगर वह किसी निजी कार्यक्रम हैं और छुट्टी पर हैं तो मीडिया किसी तरह से दखल नहीं दे सकता है। ड्यूटी के दौरान वह एक जिम्मेदार अफसर हैं, उन्हें अपना पक्ष रखना चाहिए।