एनकाउंटर में मारे गए शिवेंद्र पर कोई केस नहीं
श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक ने मानवाधिकार आयोग को भेजी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलीजेंस की ओर से एनकाउंटर में मारे गए तीसरे युवक शिवेंद्र की शिनाख्त होने के बाद पंजाब पुलिस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। शिवेंद्र के खिलाफ पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित देश के किसी भी थाने में एक भी मामला दर्ज नहीं है। इधर गैंगस्टरों को पनाह देने वाले लखविंद्र सिंह लखा ने पूछताछ में उसे नशे की खेप देने वाला कोरियर वाला है। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरेंद्र महावर से पूरी रिपोर्ट मांगी थी, जो तत्काल प्रभाव से एसपी ने भिजवा दी है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग इस मामले पर जांच करा सकता है।
पुलिस एनकाउंटर में मारे गए दो मृतकों की शिनाख्त विक्की गौंडर और प्रेमा लाहोरिया के रूप में हुई थी। हरजिंद्र सिंह उर्फ विक्की गौंडर के खिलाफ पंजाब-राजस्थान के विभिन्न थानों में करीब 50 मुकदमे दर्ज थे। इनमें पुलिसकर्मियों की हत्या करना भी शामिल है। वहीं प्रेम सिंह लाहोरिया निवासी अमृतसर के खिलाफ भी अनेक मुकदमे दर्ज होना बताया गया। इनके तीसरे साथी की पहचान उस समय पंजाब पुलिस ने नहीं की थी। पता यह भी चला है कि शिवेंद्र सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड लेने के लिए राजस्थान पुलिस का एक दल पंजाब पहुंच रहा है। यह पुलिस दल शिवेंद्र के परिजनों के बयान भी दर्ज करेगा।
इधर प्रारंभिक जांच पड़ताल में यह बात सामने आ रही है कि मारे गए दोनों गैंगस्टर लखा की ढाणी में इस लिए आकर रहते थे कि उन्हें यहां पर नशा आसानी से उपलब्ध हो जाता था। वहीं पंजाब पुलिस के खुफिया तंत्र का मानना है कि सिर्फ नशा लेने के लिए इन गैंगस्टरों को कहीं जाने की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि इनके संबंध बड़े नशा तस्करों से होते हैं, जो इन्हें इनके ठिकाने पर ही नशे की खेप पहुंचाते हैं। वहीं इन गैंगस्टरों को पाक से घातक हथियार दिए जाने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि लखा की ढाणी पाक सीमा के नजदीक स्थित है, वहीं घटना वाले दिन प्रेमा लाहौरिया ने फौजी जाकेट पहन रखी थी, जिससे उसके बीएसएफ जवान होने का भी भ्रम पैदा होता था।