केस दर्ज होने के बाद दूसरा पार्टनर लापता
सुसाइड नोट मिला, पहले पार्टनर की खुदकुशी पर पुलिस ने दर्ज किया था पर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
खन्ना
दोराहा में प्रापर्टी के बिजनेस में दो पार्टनरों के झगड़े के मामले में एक ने खुदकुशी कर ली। दूसरे पार्टनर के खिलाफ केस दर्ज हुआ तो वह भी रविवार को सुसाइड नोट लिखकर संदिग्ध हालातों में लापता हो गया। लापता हुए आल ट्रेडर्स यूनियन दोराहा के प्रधान सरबजीत सिंह मांगट की कार कटाणा साहिब नहर के पास मिली।
कार से मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि उसका नाम लेकर मरने वाले उसके पार्टनर महिंदर सिंह के परिजनों ने उस पर झूठा केस दर्ज कराया है। उसका किसी से लेनदेन नहीं था। मांगट ने अपने सुसाइड नोट में महिंदर सिंह व उसके भाई काका का नाम लिखा है। सुसाइड नोट में मांगट के हस्ताक्षर भी हैं। शक है कि मांगट ने नहर में छलांग लगा दी होगी। इस पर उसकी तलाश की जा रही है। फिलहाल मांगट का कोई सुराग नहीं मिला था। दोराहा पुलिस ने मांगट के भाई बलदेव सिंह के बयानों पर मृतक महिंदर सिंह तथा उसके भाई काका के खिलाफ खुदकुशी के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज करके तफ्तीश शुरू कर दी थी।
दोराहा में कपड़े की दुकान करने वाले महिंदर सिंह ने 29 सितंबर को जहरीली वस्तु निगल ली थी। अपोलो अस्पताल लुधियाना में मौत होने के बाद उसके बेटा अमनदीप सिंह ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पिता महिंदर सिंह का सरबजीत मांगट के साथ प्रापर्टी का बिजनेस था। बीजा पायल रोड पर साढ़े 4 एकड़ तथा कद्दों रोड पर 17 बीघे जमीन सांझी थी। इसमें मांगट का केवल 11 लाख रुपये लगा था। इस कारण उसके पिता मांगट से बाकी के पैसे मांगते थे। मांगट ने रुपये देने से इंकार किया और जमीन भी उनके नाम कराने से मना कर दिया था। इस पर उसके पिता महिंदर सिंह दुखी रहते थे। इसके बाद पिता ने 29 सितंबर को घर में जहरीली वस्तु निगलने के बाद परिवार वालों से कहा कि वो मांगट से दुखी होकर खुदकुशी कर रहे हैं। पुलिस ने अमनदीप के बयानों पर सरबजीत मांगट के खिलाफ खुदकुशी के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर लिया था। केस के बारे में पता चलने पर मांगट रविवार को गाड़ी में घर से निकला। कुछ देर बाद उसकी गाड़ी लावारिस हालत में नहर किनारे से मिली और इसमें से सुसाइड नोट मिला। केस की जांच कर रहे एएसआई अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से अगली कार्रवाई की जाएगी।