उपभोक्ता आयोग ने यूनिटेक के एमडी के खिलाफ सुनाया फैसला
आयोग ने यूटी पुलिस को कहा है कि वह यूनिटेक के एमडी को आयोग में उपस्थित होने के लिए दो अखबारों में विज्ञापन दे।
यदि वे 6 जुलाई 2017 तक आयोग में पेश नहीं होते हैं तो उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करे।
फ्रेश नॉन बेलेबल अरेस्ट वारंट जारी करने का भी निर्देश उपभोक्ता आयोग ने दिया है
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
चंडीगढ़ पुलिस यूनिटेक लिमिटेड के एमडी संजय चंद्रा, अजय चंद्रा और रमेश चंद्रा को राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष 6 जुलाई 2017 को सुबह 11 बजे तक हाजिर होने के लिए दो अखबारों में विज्ञापन दे। एक रोजाना अखबार जो चंडीगढ़ से प्रकाशित होता हो और दूसरा नई दिल्ली से। इसका खर्च चंडीगढ़ प्रशासन वहन करे।
यदि वह छह जुलाई तक हाजिर नहीं होते हैं तो पुलिस उन्हें भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करे। साथ ही उन्हें गिरफ्तार करने के लिए फ्रेश नॉन बेलेबल वारंट जारी करे। उपभोक्ता आयोग ने यूनिटेक के एमडी के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है।
यह निर्देश राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ ने सुनवाई के बाद दिया है।
उपभोक्ता आयोग ने फैसले को न मानने पर यह फैसला सुनाया है।
उपभोक्ता आयोग ने 19 जुलाई 2016 को निर्देश दिया था कि यूनिटेक के एमडी शिकायतकर्ता को 66 लाख 53 हजार 190 रुपये लौटाए। साथ ही 15 प्रतिशत कंपाउंडेड क्वार्टर्ली ब्याज भी अदा करे। मानसिक प्रताड़ना और फिजिकल ह्रासमेंट के लिए तीन लाख रुपये मुआवजा और 50 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे।
आदेश की प्रति मिलने के दो महीनों के अंदर निर्देश का पालन करना था। लेकिन यूनिटेक ने आदेश का पालन नहीं किया।
शिकायतकर्ता अमनदीप सिंह कंवर ने उपभोक्ता आयोग में आदेश का पालन न करने पर एग्जिक्यूशिन पिटीशन दायर किया जिसपर सुनवाई के बाद उपभोक्ता आयोग ने नोटिस जारी किया था।