करोड़ों की ठगी के आरोपी दंपति के 35 बैंक खाते
- विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों की ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपियों से रिमांड के दौरान हुई रिकवरी
- कई चेक बुक बरामद, पासपोर्ट बरामद करने को पुलिस मांगेगी आज और रिमांड
- शिकायतकर्ताओं से शिनाख्त परेड और घर सर्च की भी पुलिस अदालत से मांगेगी अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों की ठगी मामले में 26 अप्रैल को गिरफ्तार सेक्टर-8सी स्थित फॉरेन हॉरिजन कंसलटेंट के मालिक अरविंद अस्थ और कंपनी की डायरेक्टर उसकी पत्नी त्रिशा अस्थ से पूछताछ में उनके 35 के लगभग बैंक खाते सामने आए हैं। हालांकि, इन खातों में उतनी राशि नहीं निकली है, जितनी उम्मीद की जा रही थी। दोनों पर लगभग 20 करोड़ रुपये की ठगी का केस दर्ज है। इसके अलावा दोनों के पास से पुलिस को कई चेक बुक भी बरामद हुई हैं। अब पुलिस इनसे पासपोर्ट बरामद करने के लिए दोनों को रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर उनका और रिमांड मांगेगी।
डीएसपी क्राइम अमराव सिंह के अनुसार, शनिवार को दोनों आरोपियों से लंबी पूछताछ की कई। इस दौरान इनके चंडीगढ़ और मोहाली स्थित ठिकानों से पुलिस को इनके 30-35 बैंक खातों के दस्तावेज मिले हैं। दोनों से कई चेक बुक भी बरामद हुई है। हालांकि, दोनों से अभी एक भी पासपोर्ट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस दोनों से पासपोर्ट बरामद करने के लिए उनका और रिमांड मांगेगी।
इसके अलावा पुलिस अदालत से उनका घर सर्च करने और आरोपियों की शिकायतकर्ताओं से शिनाख्त परेड कराने की भी अनुमति मांगेगी। वहीं, पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है कि उन्होंने ठगी के पैसे को कहां निवेश किया या कहीं कोई प्रापर्टी खरीदी हो।
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शिकायतकर्ताओं ने की थी सीबीआई जांच की मांग
हाईकोर्ट में आरोपियों ने गिरफ्तारी पर रोक के लिए याचिका दायर की थी। इस पर शिकायतकर्ताओं ने अदालत से अपील की थी कि दोनों आरोपी पुलिस और अदालत को गलत जानकारी दे रहे हैं। आरोपी उन्हें पैसे लौटाने के लिए पिछले एक साल से वक्त मांग रहे हैं, लेकिन आज तक किसी का पैसा नहीं लौटाया। इस पर शिकायतकर्ताओं ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच सीबीआई से कराने की अपील की थी।
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यह है मामला
आरोपियों की ओर से की गई धोखाधड़ी का खुलासा 31 मार्च 2017 को हुआ था। इनके खिलाफ लुधियाना के गांव ढांडरा निवासी रुपिन्द्र सिंह से तकरीबन पांच लाख रुपये ठगने की शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता रुपिन्द्र सिंह ने पुलिस को बताया था कि अगस्त 2016 में उसकी पत्नी को स्टडी वीजा पर आस्ट्रेलिया जाना था, जिसके चलते उन्होंने सेक्टर-8सी स्थित फॉरेन होरिजन कंसल्टेंट के मालिक अरविंद अस्थ, गुरप्रीत सिंह व जगत सिंह को 4 लाख 94 हजार रुपये दिए थे। यह सारी पेमेंट उन्होंने आरटीजीएस के जरिए दी थी, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी आरोपियों की ओर से उनकी पत्नी को न तो विदेश भेजा गया न ही उनके पैसे लौटाए। इसके बाद वह उनके सेक्टर-8 स्थित ऑफिस में पहुंचे। कंपनी की ओर से उन्हें एक चेक दिया गया, लेकिन जब उन्होंने चेक बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गाया। उन्होंने फिर से कंपनी के मालिक से बातचीत की, लेकिन कंपनी का मालिक अरविंद ने उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को दी थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन इस दौरान कुछ दिनों के भीतर पुलिस के पास काफी शिकायतें पहुंची थीं। उक्त आरोपियों ने पंजाब, हरियाणा व अन्य कई जगहों से वीजा लगवाने के लिए आने वाले लोगों के साथ फ्राड किया था। इस तरह पुलिस के पास करीब 373 शिकायतें पहुंची थीं। इसके बाद से आरोपी फरार हो गए थे। 26 अप्रैल को ही पुलिस ने दोनों को मोहाली से गिरफ्तार किया था।