वाहनों का पंजीकरण बंद, राजस्व का नुकसान
नया साफ्टवेयर से वर्ष 2017 के आखिर में खरीदे गए वाहनों नहीं हो रहा रजिस्ट्रेशन
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
वर्ष 2018 में खरीदे जा रहे वाहनों का रजिस्ट्रेशन तो हो रहा है, वहीं 2017 के आखिर में खरीदे गए वाहनों के रजिस्ट्रेशन का काम बंद है। कारण है ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से हाई टेक्नालाजी का (वाहन-4/जी) नाम नया सॉफ्टवेयर अचानक लांच करना। साथ जिला कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों को सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी नहीं देना। इसके अलावा वाहनों का ट्रांसफरे, बाहरी राज्यों के वाहनों के नंबर लगाने, कर्जयुक्त वाहन व वाहनों पर वीआईपी नंबर लगाने का काम भी बंद पड़ा है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
जिले के ट्रांसपोर्ट कार्यालय में वर्ष 2017 के दौरान खरीदे गए 170 वाहनों के मालिक दिसंबर से अपने वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने की कतार में लगे हैं। यही हाल बरनाला के संसदीय क्षेत्र संगरूर का है, वहां भी रजिस्ट्रेशन की इंतजार सूची काफी लंबी है। रजिस्ट्रेशन नहीं होने से मालिक चालान के डर से वाहन नहीं चला रहे हैं। दिसंबर में खरीदे गए वाहन के मालिक मोहिंदर कुमार निवासी बरनाला का कहना है कि देशवासियों ने नोटबंदी से बहुत बड़ा सबक लिया। उसका नतीजा भुगतने के बाद भी राज्य सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग ने बिना अभ्यास किए नया सॉफ्टवेयर लांच कर दिया। नया साफ्टवेयर लांच करने से पहले पूरी तैयारी करनी चाहिए थी।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर से संबंधित प्रोजेक्ट मैनेजर नरायण बीर सिंह का कहना है कि नए सॉफ्टवेयर से एक-दो सिस्टम हैं, जो नई जगह पर अपडेट नहीं हो सके। बरनाला, बठिंडा, संगरूर, पटियाला, मोहाली, फतेहगढ़ में नए सॉफ्टवेयर से रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। फाजिल्का व फिरोजपुर में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ट्रांजेक्शन को लेकर कुछ साइट में दिक्कत आ रही है, जो जल्द दूर हो जाएगी। वास्तविकता यह है कि यह आपरेशनल वर्क है, जिसके बारे में लोगों को जानकारी नहीं। बठिंडा में पांच सौ नंबर लग चुके हैं। किसी को दिक्कत आ रही है तो वह ऑनलाइन शिकायत कर अपनी समस्या भी लिख सकते हैं।