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नशे की दलदल में झोंकने वाली नशा तस्कर बानो गिरफ्तार

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सेक्टर-39 और डड्डूमाजरा निवासी बहनों के घर से चलता है नशा तस्करी का गोरखधंधा
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दर्जनों केसों में नामजद हैं आरोपी बहनें
एक आरोपी महिला पर 15 और दूसरी पर सात केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहर में स्मैक, चिट्टा, हेरोइन के नशे का गोरखधंधा सेक्टर-39 और डड्डूमाजरा से चलता है। स्कूल, कॉलेज के छात्र व अन्य यहीं से आगे सप्लाई किए गए नशे की गिरफ्त में फंसते हैं। ऐसा नहीं है कि यूटी पुलिस विभाग को इसकी भनक न हो, बल्कि पुलिस आरोपी तस्करों को कई बार गिरफ्तार कर चुकी है। बावजूद इसके नशा तस्कर बहनें और उनके पारिवारिक सदस्य समय-समय पर नशा सप्लाई करते रहे हैं। डीएमसी निवासी महिला नशा तस्कर बाला पर महज सेक्टर-39 थाने में ही करीब 15 केस दर्ज हैं। बीते दिनों गिरफ्तार हुई उसकी बहन बानो पर नशा तस्करी के सात केस दर्ज हैं।
आरोपी बहनें लोगों को नशे की गिरफ्त में फांस उन्हें नशे का आदि बनाकर उनसे मोटी रकम वसूलती रही हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी बानो ने बताया कि वह दिल्ली से 1800 रुपये प्रति ग्राम चिट्टा खरीदकर चंडीगढ़ में उसे 3500 से 5000 रुपये में बेचती रही हैं। 80 रुपये में खरीदा नशीला इंजेक्शन उसने 350 रुपये में बेचा है। पुलिस आज तक उनके मुख्य सप्लायर को काबू नहीं कर सकी है।
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सारंगपुर थाना पुलिस ने धनास निवासी शकीला (35) को भी 10 ग्राम चिट्टा और 6 नशीले इंजेक्शन सहित दबोचा था। पुलिस पूछताछ में उसने उगला था कि वह एक इंजेक्शन को करीब 500 रुपये और एक ग्राम हेरोइन को पांच हजार रुपये में बेचती रही है। पुलिस आरोपियों के नेटवर्क तक पहुंचने को प्रयासरत है। सेक्टर-39, डीएमसी और मलोया नशे के गढ़ बन चुके हैं।

जमानत पर छूटते ही फिर शुरू करते हैं नशा तस्करी
आरोपी बहनें और नशा तस्करी में गिरफ्तार हुए उनके अन्य रिश्तेदार जेल से छूटने के बाद फिर से नशा तस्करी का गोरखधंधा शुरू कर देते हैं। आरोपी बाला शहर में काफी प्रॉपर्टी बना चुकी है। पुलिस ने उसकी प्रॉपर्टी के संबंध में काफी जानकारी भी जुटाई है ताकि पता लग सके कि वह स्वयं और अन्य किस-किस रिश्तेदार के नाम पर प्रॉपर्टी खरीद चुकी है।
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बेड करेक्टर की श्रेणी में है आरोपी व अन्य रिश्तेदार
आरोपी नशा तस्कर बाला, बानो और उसके अन्य कुछ रिश्तेदार यूटी पुलिस की बेड करेक्टर की श्रेणी में हैं। विभागीय उच्चाधिकारी हर नए थाना एसएचओ को आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखने को निर्देशित करते रहे हैं। इसके बावजूद उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने में फिलहाल पुलिस कामयाब नहीं हो सकी है।
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