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एक साल तक पंचकूला के करंसी लॉकरों से जारी हुए नकली नोट

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देश में नोटबंदी के बाद जिला पंचकूला के विभिन्न करेंसी लॉकरों से पांच सौ रुपये और एक हजार रुपये के जाली नोट जारी किए गए। आरबीआई द्वारा पकड़े सभी जाली नोट एक अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 के बीच प्रेषण के लिए भेजे गए थे। आरबीआई का दावा है कि प्राप्त सभी जाली नोट पंचकूला की विभिन्न मुद्रा तिजोरियों से प्राप्त हुए। उस समय भारतीय रिजर्व बैंक के चंडीगढ़ कार्यालय ने इन नोटों को रिजर्व बैंक के जयपुर कार्यालय को प्रेषित करने के आदेश दिए थे। इसका कारण चंडीगढ़ कार्यालय में इन नोटों के प्रोसेसिंग, नष्टीकरण में अधिक समय लग सकता था। पकड़े नोटों के जाली होने की प्रमाणिकता सिद्ध करने के लिए सभी नोटों को नोट मुद्रणालय (नासिक) भेजा गया था। मुद्रणालय ने नोटो को जाली नोटों के रुप में प्रमाणित किया। मुद्रणालय ने इस आशय की सील को हर नोट पर लगा दिया। मुद्रणालय द्वारा प्रस्तुत की गई विशेषज्ञ की राय भी भेजी गई। ताकि आईपीसी की धारा-292 के अंतर्गत इसे साक्ष्य के रुप में न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सके। जाली नोट पकड़े जाने की तारीख, संदर्भ संख्या, जाली नोटों की सीरीज व पेनल नंबर, मूल्य वर्ग, प्रस्तुत कर्ता का नाम व पता भी सूची में दर्शाया गया है। 1/107 चित्रकूट नगर अजमेर रोड थाना चित्रकूट जिला जयपुर हाल सहायक महाप्रबंधक आरबीआई, जयपुर के सहायक महाप्रबंधक, ओमप्रकाश कविया की शिकायत पर थाना जयपुर (पूर्व) गांधीनगर, जयपुर ने अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा-489,ए के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की।
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इतनी संख्या में प्राप्त हुए जाली नोट
1. बैंक शाखा-स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंचकूला मूल्य वर्ग 500- 7, मूल्यवर्ग 1000- 8, सीरियल नंबर 2 बैंक शाखा: स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, पंचकूला मूल्य वर्ग 500- 0, मूल्यवर्ग 1000 - 11, कुल जाली नोट मूल्यवर्ग 500-7, मूल्यवर्ग 1000-19
पंचकूला पुलिस जोड़ रही कड़ी से कड़ी
स्थानीय पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले को जांच के लिए जिला पंचकूला के सेक्टर-5 थाना पुलिस को भेज दिया है। क्योंकि सभी नकली नोट पंचकूला के ही विभिन्न लॉकरों से जारी किए गए थे। मामले में पंचकूला पुलिस गहराई से तफ्तीश कर कड़ी से कड़ी के मिलान के प्रयास में जुटी है। ताकि सरकारी कोष के सेटलमेंट की प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ी करने वाले का पर्दाफाश हो सके। फिलहाल जिला पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है।
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