चंडीगढ़। पंचकूला में तीन इमारतों में बगल में हो रहे स्टिल्ट जमा चार निर्माण के कारण हुई खुदाई के चलते आई दरारों का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचने और कोर्ट द्वारा इस मामले में सख्त रवैया अपनाने व 15 लाख रुपये रजिस्ट्री में जमा करवाने के बाद नगर निगम हरकत में आ गया है। कोर्ट को बताया गया कि इन इमारतों को हुए नुकसान की समीक्षा के लिए इंजीनियर नियुक्त कर दिया गया है। इस जानकारी के बाद अब हाईकोर्ट ने सुनवाई टाल दी है।
याचिका दाखिल करते हुए नीरज गुप्ता ने हाईकोर्ट को बताया था कि उनका आवास सेक्टर-12 में है और बगल में बन रही बिल्डिंग में स्टिल्ट जमा चार के तौर पर निर्माण के लिए बेसमेंट की खुदाई की जा रही थी। इस दौरान याचिकाकर्ता के विरोध के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा और इमारत में दरार आ गई है। जब मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने पाया कि इससे पहले भी ऐसे ही दो मामलों में कोर्ट बतौर सुरक्षा 15 लाख रुपये हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करवा चुका है। ऐसे में कोर्ट ने इन सभी मामलों में एक साथ सुनवाई का निर्णय लिया था। अब जब तीनों मामले सुनवाई के लिए पहुंचे तो नगर निगम की ओर से बताया गया कि इन सभी इमारतों में हुए नुकसान की समीक्षा के लिए निगम के पैनल पर मौजूद इंजीनियर को नियुक्त किया गया है।
पिछली सुनवाई पर पंचकूला में लगातार ऐसे निर्माण को लेकर हाईकोर्ट ने चिंता व्यक्त की थी। तब हाईकोर्ट को याचिकाकर्ता ने बताया था कि पुराने निर्माणों के निकट इस प्रकार नियमों को ताक पर रख कर निर्माण किया जा रहा है जो न केवल याचिकाकर्ता बल्कि अन्य निर्माणों के लिए भी खतरा है। इस मामले में हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद अब नगर निगम ने इंजीनियरों की नियुक्ति की है और ऐसे में अब अगली सुनवाई पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का हाईकोर्ट ने नगर निगम को आदेश दिया है।