पंजाब सरकार की तरफ से कोविड-19 को लेकर आम लोगों की सुविधा के लिए टेस्ट की दरों में कटौती की है। अब प्राइवेट लैब भी सरकार की ओर से निर्धारित दरों से ज्यादा पैसा नहीं ले सकेंगी। स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि वाजिब दरों पर टेस्ट सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार की तरफ से प्राइवेट लैब में कोविड-19 की टेस्ट दरें तय कर दी हैं।
अब प्राइवेट लैब की तरफ से कोविड-19 के एक आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए ज्यादा से ज्यादा 2400 रुपये और रैपिड एंटीजन टेस्टिंग (आरएटी) के लिए 1000 रुपये से घटाकर अब 700 रुपये कर दिए गए हैं। इन दरों में जीएसटी व अतिरिक्त टैक्स शामिल होंगे।
वहीं, घरों में सैंपल एकत्र करने की अतिरिक्त सुविधा की दरें प्राइवेट लैब की तरफ से अपने स्तर पर तय की जाएंगी। सूबे में कोविड टेस्ट आईसीएमआर की तरफ से मंजूरशुदा 45 प्राइवेट लैब में किए जा सकते हैं, जबकि राज्य के 600 सरकारी अस्पतालों में यह टेस्ट सुविधा सरकार की तरफ से बिल्कुल मुफ्त दी जा रही है।
डॉक्टर की पर्ची जरूरी नहीं : सिद्धू
स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने अपील की है कि संदिग्ध मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए डॉक्टर की पर्ची की जरूरत नहीं है। जिसका टेस्ट पॉजिटिव आया हो, वह अपने घरों में आइसोलेट हो सकते हैं। अगर मामूली लक्षण जैसे कि बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, शरीर दर्द, थकावट, स्वाद व सूंघने की शक्ति का कम होना, बहता नाक आदि हैं या कोविड-19 मरीज के संपर्क में आए हैं, तो टेस्ट जरूर करवाएं।