पंचकूला। पंचकूला की अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने नारनौंद (नरवाना) के पूर्व विधायक रामनिवास सुरजखेड़ा द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपनी जब्त की गई टोयोटा फार्च्यूनर गाड़ी को अंतरिम हिरासत पर छोड़ने की मांग की थी। यह वाहन मार्च 2023 में दर्ज एक एफआईआर के तहत जब्त किया गया था, जो हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से जुड़े लगभग 72.13 करोड़ के घोटाले से संबंधित है। यह मामला वर्ष 2015 से 2019 के बीच किए गए एक बड़े वित्तीय घोटाले से जुड़ा है, जिसमें एचएसवीपी के नाम से एक फर्जी बैंक खाता खोलकर उससे अनधिकृत भुगतान किए गए।
याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि संबंधित वाहन इस समय एक महत्वपूर्ण केस प्रापर्टी है और मामला अभी न्यायालय में लंबित (सब-ज्यूडिस) है। चूंकि वाहन अभी हाइपोथिकेटेड है और उसकी किस्तें बकाया हैं, इसलिए वाहन का पूर्ण स्वामित्व अभी आवेदक को प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा, अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ जांच अभी जारी होने के चलते अदालत ने माना कि इस चरण पर वाहन को रिलीज करना उचित नहीं है।