कांग्रेसी पार्षदों ने महापौर को घेरा, कहा- सरकार का नोटिफिकेशन कहां है
100-100 गज के प्लॉट नगर निगम ने लोगों को जलौली में दिए थे, आजतक लोगों को नहीं मिला
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-1 के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बजट की बैठक हुई। सोमवार को सबसे बड़ा एजेंडा शहर में बनी काॅलोनियों को पक्का करने का लाया। इसके तहत सरकार की 20 साल की पॉलिसी में वर्ष 2004 के रेट के अनुसार राजीव, इंदिरा, खड़क मंगोली, गांधी काॅलोनी में एक मरला के प्लॉट देने का प्रस्ताव रखा। इसका कांग्रेसी पार्षदों ने जमकर विरोध किया। महापौर कुलभूषण गोयल को पाषर्दों ने लॉलीपॉप तक थमा दिया। पार्षदों ने कहा कि जलौली में नगर निगम ने 100-100 गज के प्लॉट लोगों को दिए थे, अब तक नहीं मिले। यह महज चुनावी शिगूफा है। महापौर पहले सरकार का नोटिफिकेशन दिखाएं। उसके बाद प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा। हंगामा कुछ देर तक चला, उसके बाद तय हुआ कि प्रस्ताव को पास कर सरकार से मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
काम न करने वाले अधिकारी पहन लें चूड़ियां
पिछले चार साल से वार्ड नंबर-07 का विकास जीरो है। इसके विरोध में वार्ड की पार्षद उषा रानी ने हाउस में नगर निगम के अधिकारियों और महापौर को चूड़ियां दिखाते हुए कहा कि जिन अधिकारियों से लोगों के काम नहीं हो रहे हैं, उन्हें चूड़ियां पहन लेनी चाहिए। अगली बार काम नहीं हुआ तो यहां आम जनता आकर अधिकारियों से जवाब मांगेगी। पार्षद ने कहा कि प्रस्ताव के पास होने के बाद भी उनके वार्ड में गत चार वर्षों में सामुदायिक भवन, श्मशानघाट, पार्क, स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं से वार्ड के लोग वंचित हैं।
ड्राइंग ब्रांच के अधिकारी को सस्पेंड करने के आदेश
नगर निगम की ड्राइंग ब्रांच के अधिकारी सुमित शर्मा की कार्यप्रणाली पर 3 पार्षदों सुरेश वर्मा, राजेश कुमार और सुशील गर्ग की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद महापौर कुलभूषण गोयल ने अधिकारी को सस्पेंड करने के आदेश दे दिए। पार्षद सुशील गर्ग ने कहा कि उनके सेक्टर 20 में बनने वाली दीवार के निर्माण के प्रस्ताव को सदन में मंजूरी मिलने के बाद भी एजेंसी ने काम नहीं किया। जब भी निगम को कहा तब ड्राइंग की अड़चन पैदा हुई। बावजूद इसके वर्षों से दीवार नहीं बन पाई। वहीं पार्षद सुरेश वर्मा ने कहा कि ड्राइंग ब्रांच की तरफ से ड्राइंग को फाइनल नहीं किया गया। इसके बाद महापौर कुलभूषण गोयल ने अधिकारी को सस्पेंड और टेंडर करने वाली एजेंसी को भी ब्लैक लिस्ट करने के आदेश दिए।
नाले पर बनाई नंदीशाला, यूएलबी डायरेक्ट के आदेश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
महापौर ने कहा कि गांव कोट में नंदीशाला का निर्माण हुआ था, जिसकी लीज अवधि 10 साल के लिए बढ़ा दी जाए। उस जगह के सामने नगर निगम की 5 एकड़ जमीन है। वह भी इसी एनजीओ को नंदीशाला को एक्सटेंड करने के लिए दी जाए। जिसपर वार्ड नंबर 20 के गांव कोट में नाले पर नंदीशाला बनाने का मुद्दा पार्षद सलीम दबकोरी ने उठाते हुए कहा कि निर्माण नाले पर करवा दिया गया है। इस पर संज्ञान लेने हुए यूएलबी डायरेक्टर ने आदेश दिए थे कि जिन अधिकारियों ने गलत जगह पर नंदीशाला का निर्माण करवाया है। उनसे जांच कर रिकवरी की करवाई जाए। मगर जांच आज तक नहीं हो पाई। जिसपर निगम कमिश्नर ने 15 दिनों में इस संबंध में रिपोर्ट मांग की है।