पंचकूला। लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या पर फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस (फोरा) ने निगम पर सवाल खड़े किए हैं। प्रधान आरपी मल्होत्रा और महासचिव भारत हितैषी ने कहा कि निगम की ढुलमुल कार्यप्रणाली जिम्मेदार है। मल्होत्रा ने बताया कि बीते छह महीनों में 3 हजार से अधिक डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं। इन हमलों में बच्चे, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और राहगीर सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ डॉग लवर्स शहर में खुलेआम जगह-जगह लावारिस कुत्तों को खाना खिला रहे हैं। हालांकि यह सेवा भावना से किया जा रहा है, लेकिन इसका नकारात्मक प्रभाव यह है कि कुत्तों का एक निश्चित स्थान पर जमावड़ा लगने लगा है और वे आक्रामक हो रहे हैं।