हरियाणा सरकार ने कोविड-19 मरीजों को भी आयुष्मान भारत योजना में शामिल किया है। सरकार योजना के तहत निजी व सरकारी अस्पताल में 5 लाख रुपये तक उनका इलाज नि:शुल्क कराएगी। स्वास्थ्य मंत्री विज ने बताया कि योजना शुरू होने से अब तक करीब 1.44 लाख लोगों के उपचार पर 169.4 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
1,17,335 मरीजों का उपचार निजी अस्पतालों में करवाया गया। जिन पर विभाग ने करीब 138.02 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके अलावा 26,402 मरीजों का उपचार सरकारी अस्पतालों में करवाया गया। जिनके उपचार पर 31.36 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई। 22.49 लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान भारत के गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं, जिनको आधार से लिंक किया गया है।
उन्होंने बताया कि इसके तहत लाभार्थियों का उपचार करने वाले अस्पतालों का भुगतान निर्धारित समयावधि में किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र ने हरियाणा को देश में सबसे पहले बिलों की अदायगी करने वाले प्रदेश के तौर पर पुरस्कृत भी किया गया है।
आयुष्मान भारत योजना के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. रवि विमल ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए राज्य के सभी सरकारी एवं पैनल के निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के कार्ड निशुल्क बनाए जाते हैं। इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर पर भी मामूली शुल्क पर ऐसे कार्ड सृजन की सुविधा प्रदान है।
प्रदेश के अस्पतालों में स्थानीय सिविल सर्जन की अध्यक्षता में जिला क्रियान्वयन इकाई कार्य कर रही है। जिनके लिए एक-एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त है। उन्होंने बताया कि राज्य में अभी 530 सरकारी एवं निजी अस्पताल सरकार के पैनल पर हैं। अन्य अस्पताल भी पैनल पर आने की प्रक्रिया में हैं।