पंचकूला। कोरोना का असर मरीजों को दी जाने वाली ऑक्सीजन के दामों में नजर आने लगा है। कृत्रिम सांस देने में इस्तेमाल होने वाली ऑक्सीजन की खपत प्रतिमाह जहां 30 सिलिंडर से बढ़कर 900 तक पहुंच गई है, वहीं इसके रेट भी 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। कोरोना काल में ऑक्सीजन की खपत बढ़ने से इसकी आपूर्ति में कमी आने लगी है। सबसे ज्यादा तेजी ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर (संकेंद्रक) के दामों में आई है। इसमें दाम करीब तीस फीसदी तक बढ़ गए हैं।
फिलहाल पंचकूला के सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी नजर नहीं आ रही है, लेकिन सप्लायरों का कहना है कि उनके पास पहले के मुकाबले ऑक्सीजन की आपूर्ति कम है। कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से गत वर्ष ऐसी स्थिति सितंबर में आई थी, अब अप्रैल में भी वही स्थिति बन चुकी है। ऑक्सीजन सिलिंडर की जितनी खपत अस्पतालों में है, उतनी ही खपत घरों में भी हो रही है।
पंचकूला में हैं दस ऑक्सीजन सप्लायर
पंचकूला के करीब दस ऑक्सीजन सप्लायर सिलिंडरों को डेराबस्सी और अन्य शहरों से मंगवा रहे हैं। ऑक्सीजन सप्लायर बताते हैं कि एक माह से ऑक्सीजन की सप्लाई में गिरावट आ चुकी है। इस वजह से दामों में तेजी आई है। इसके साथ ही ऑक्सीजन सप्लाई के लिए उपयोग में आने वाले कंसंट्रेटर की कीमत भी 20 से 25 हजार रुपये तक बढ़ चुके हैं। गौरतलब है कि अस्पताल और घरों में लगाए जाने वाले ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की क्षमता दस लीटर तक होती है। एक कंसंट्रेटर से दो मरीजों को ऑक्सीजन दी जा सकती है।
पंचकूला के अस्पतालों में है पर्याप्त ऑक्सीजन
पंचकूला के अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन होने का दावा किया जा रहा है। पंचकूला के अस्पतालों में औसतन 14200 किलोलीटर लिक्विड ऑक्सीजन है। इसके अलावा 154 टाइप डी और 192 टाइप बी सिलिंडर हैं। इसका उपयोग कहीं भी किया जा सकता है। यहां बीस ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हैं। पंचकूला के सिविल अस्पताल में छह हजार किलोलीटर लिक्विड ऑक्सीजन है। जिले के तीन प्राइवेट अस्पतालों में 8200 किलोलीटर लिक्विड ऑक्सीजन है। दोनों को मिलाकर पंचकूला में कुल 17800 मीट्रिक टन ऑक्सीजन है।
520 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन की खपत है रोजाना
पंचकूला में औसतन 530 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन की खपत रोजाना अनुमानित है। पंचकूला में कोरोना मरीजों के लिए करीब 250 बेड हैं। इसके साथ ही यदि मरीज ज्यादा आते हैं तो इसकी क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इसके साथ ही पारस, एलकेमिस्ट-ओजस और अलकेमिस्ट में भी वेंटिलेटर हैं।
ऑक्सीजन पर एक नजर
कोविड के पहले ऑक्सीजन की खपत 30 सिलिंडर प्रतिमाह
कोविड के दौरान ऑक्सीजन की खपत 900 सिलिंडर प्रतिमाह
कोविड से पहले ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 60000 रुपये (दस लीटर की क्षमता)
कोविड के दौरान ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 85000 रुपये (दस लीटर की क्षमता)
पंचकूला में ऑक्सीजन के कुल सप्लायर दस
हरेक सप्लायर को आने वाली डिमांड पांच सिंलिंडर प्रतिदिन
ऑक्सीजन सिलिंडर की क्षमता 47 लीटर
एक सिलिंडर ऑक्सीजन की कीमत 800 रुपये
हमारा ऑक्सीजन सप्लाई का काम है। पहले यहां माह में पांच से छह सिलिंडर की मांग थी। अब रोजाना की खपत सात से आठ सिलिंडर की है। ऑक्सीजन का एक 47 लीटर का सिलिंडर करीब आठ सौ रुपये में भरता है। इसके साथ ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर की आवश्यकता होती है। इसकी कीमत अब करीब बीस हजार रुपये तक बढ़ चुकी है। 15 दिन से ऑक्सीजन की सप्लाई की समस्या है, फिर भी हम मैनेज कर रहे हैं। - डॉक्टर करनवीर, पंचकूला
हमारे अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त सप्लाई है। हम अपने बेड की क्षमता बढ़ा सकते हैं। पंचकूला में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी के साथ इजाफा हुआ है। हम सभी मरीजों को बेहतर ट्रीटमेंट दे रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी हमारे पास अभी नहीं है। - डॉ. जसजीत कौर, सीएमओ, पंचकूला