फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

25 साल पहले खरीदा बांड, १ लाख की जगह बैंक ने पकड़ाया 8 हजार 876 रुपये, फोरम ने लगाया जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। डिस्काउंट बांड की मैच्योरिटी के बाद भी पूरी राशि जारी नहीं करना स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने बैंक को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि शिकायतकर्ता को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ 91124 रुपये जारी किए जाएं। साथ ही मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 10 हजार रुपये का मुआवजा और 7 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी बैंक अदा करे।
विज्ञापन

सेक्टर-63 चंडीगढ़ निवासी बिहारी लाल ने फोरम में स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने बैंक से वर्ष 1993 में 2500 रुपये में डिस्काउंट बांड खरीदा। बांड सर्टिफिकेट के तहत बैंक ने 25 साल बाद एक लाख रुपये देने का वायदा किया था। बांड के मैच्योर होने पर उन्होंने कैश लेने के लिए बांड बैंक के समक्ष पेश किया लेकिन बैंक की तरफ से एक लाख रुपये की जगह उन्हें सिर्फ 8876 रुपये की राशि ही जारी की गई। इसके तुरंत बाद शिकायतकर्ता ने बैंक को बाकी बची राशि भी जारी करने की अपील की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद ही उन्होंने इस संबंध में फोरम में शिकायत दी। विपक्ष ने फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोई कोताही नहीं बरती।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें