दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की पूछताछ में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के गिरफ्तार दो आतंकियों भूपेंदर सिंह और कुलवंत सिंह ने खुलासा किया है कि उन्हें पंजाब में शिवसेना और कांग्रेस के चार नेताओं की हत्या करनी थी। इनमें से वे कांग्रेस के गुरशरण मंड और शिवसेना के निशांत शर्मा की रेकी भी कर चुके थे।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस संगठन से जुड़े आतंकी सिखों और खालिस्तान के खिलाफ बोलने वालों को टारगेट करते हैं। ये आतंकी जगतार सिंह हवारा, भिंडरांवाले और दिलावर सिंह आदि को संत कहते हैं।
आतंकी भूपेंदर सिंह और कुलवंत सिंह ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस नेता मंड और शिवसेना नेता निशांत के बारे में फेसबुक से भी कई जानकारियां जुटाई थीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आतंकी दिल्ली से पंजाब जाकर वारदात को अंजाम देने वाले थे। स्पेशल सेल के एसीपी जसवीर सिंह और इंस्पेक्टर पंकज कुमार की टीम ने इन दोनों को शनिवार रात मुठभेड़ के बाद बुराड़ी से गिरफ्तार किया था।
इस कारण थे दोनों नेता निशाने पर
कांग्रेस के गुरशरण मंड ने कुछ समय पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बुत पर लगी कालिख को अपनी पगड़ी उतारकर साफ किया था। इसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थी जिसके कारण उनकी सुरक्षा में पंजाब पुलिस ने गनमैन तैनात किए थे। इसके अलावा निशांत शर्मा शिवसेना हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वे रेेफरेंडम 20-20, खालिस्तान व गैंगस्टरों के खिलाफ खुलकर बोलते हैं। 2011 में उन्होंने चंडीगढ़ में पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या के आरोपी जगतार सिंह हवारा पर भी हमला किया निशांत को पंजाब सरकार ने वाई कैटेगरी की सुरक्षा दी हुई है।
हथियार सप्लायर को बेल्जियम से भेजे थे रुपये
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मेरठ के एक व्यक्ति ने इन्हें दिल्ली में हथियार उपलब्ध कराए थे। यूपी पुलिस के एनकाउंटर के डर से दोनों हथियार लेने मेरठ नहीं जाना चाहते थे। वहीं, सप्लायर ने पंजाब में हथियार उपलब्ध कराने से मना कर दिया था। बेल्जियम में बैठे खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के चीफ व इनके हैंडलर जगदीश भूरा व धन्ना सिंह ने दोनों को दिल्ली जाकर हथियार लेने को कहा था। उन्होंने मेरठ के हथियार सप्लायर को बेल्जियम से सीधे पैसे भेजे थे।
हथियार सप्लायर का मोबाइल बंद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आतंकियों को हथियार उपलब्ध कराने वाला सप्लायर मेरठ का है। उसका मोबाइल फोन बंद है। जांच में पता चला है कि उसने फर्जी आईडी पर मोबाइल नंबर ले रखा है। सप्लायर की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
आईएसआई से संबंध खंगाल रही पुलिस
स्पेशल सेल ने दोनों आतंकियों को 5 दिन की रिमांड पर ले लिया है। इनके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध खंगाले जा रहे हैं। इन्होंने पाकिस्तान समर्थकों के समूह पाकिस्तान जिंदाबाद-खालिस्तान जिंदाबाद और डिफेंडर्स ऑफ पाकिस्तान ग्रुप ज्वाइन किए हुए थे।