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किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस 7 से 15 फरवरी तक करेगी प्रदर्शन

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किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस 7 से 15 फरवरी तक करेगी प्रदर्शन
खंड स्तर पर किसान सम्मेलन कर बताई जाएगी काले कानूनों की असलियत: सैलजा
दिल्ली स्थित 15 गुरुद्वारा रकाबगंज मार्ग पर कांग्रेस वार रूम में बैठक का हुआ आयोजन
15फरवरी से जिला स्तर पर पद यात्राएं निकालने का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। किसानों के समर्थन में कांग्रेस हरियाणा में ब्लॉक स्तर पर किसान सम्मेलन आयोजित करेगी। इसके साथ ही जिला स्तर पर पद यात्राएं निकाली जाएंगी। 7 फरवरी से 15 फरवरी तक ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस पार्टी किसान सम्मेलन आयोजित करेगी। सम्मेलनों में किसान आंदोलन में बलिदान देने वाले किसानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने बताया कि कार्यकर्ताओं को यह जानकारी दी जाएगी कि नए कृषि कानून किस प्रकार से खेती और किसानों को नुकसान पहुंचाएंगे। कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर इन काले कानूनों की असलियत से ग्रामीणों को वाकिफ कराएंगे। इसके साथ ही कांग्रेस इन कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ 15 फरवरी से जिला स्तर पर पद यात्राएं भी निकालेगी।
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दिल्ली स्थित 15 गुरुद्वारा रकाबगंज मार्ग पर कांग्रेस वार रूम में बैठक में वक्ताओं ने सुझाव दिए कि इन कार्यक्रमों को कैसे चलाया जाए और किस प्रकार किसानों के समर्थन को मजबूती प्रदान की जाए। 6 फरवरी को किसानों के चक्का जाम को कांग्रेस पार्टी का समर्थन रहेगा। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल ने की। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विधायक किरण चौधरी, विधायक व कांग्रेस कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य कुलदीप बिश्नोई, पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव समेत पार्टी के तमाम विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक व अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
सरकार अन्नदाता, मजदूरों की सुने: बंसल
इस मौके पर हरियाण प्रभारी बंसल ने कहा कि कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी पूरे हरियाणा प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों को लेकर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि हमारे अन्नदाता पिछले दो महीने से ज्यादा के समय से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। यह सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है। सरकार द्वारा सड़कों पर कीलें गाड़ दी गई हैं। अपने ही देश के किसानों के साथ भाजपा सरकार ऐसा व्यवहार कर रही है। सरकार अन्नदाता की सुने, मजदूर की सुने। भाजपा सरकार अपनी जिद छोड़ कर तीनों कृषि विरोधी काले कानून तुरंत प्रभाव से वापस ले। सैलजा ने बताया कि बैठक में एक प्रस्ताव भी पास किया गया, जिसमें किसान आंदोलन में अपना बलिदान देने वाले किसानों के प्रति संवेदना जताई गई और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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हठधर्मिता छोड़े केंद्र सरकार: हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि नए कृषि कानून किसानों की बजाय कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाए गए हैं। इन कानूनों से किसानों को नुकसान होगा, इसीलिए किसान इसका विरोध कर रहे हैं। सरकार को हठधर्मिता छोड़कर किसानों की मांगों को लटकाने की बजाय जल्दी मानना चाहिए और फौरन तीनों कृषि कानून रद्द कर एमएसपी की गांरटी का कानून बनाना चहिए। कांग्रेस कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य कुलदीप बिश्रोई ने कहा कि किसानों की भावनाओं के खिलाफ तीन कृषि कानून लागू करने का कोई मतलब नहीं है। सरकार किसानों को निरंतर प्रताड़ित कर रही है, अन्नदाता झुकने वाला नहीं है।
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