चंडीगढ़। स्थानीय शहरी निकाय चुनाव को पार्टी सिंबल पर लड़ने को लेकर हरियाणा कांग्रेस में सहमति नहीं बन पाई। अब भविष्य में होने वाली बैठकों में दोबारा से इस मुद्दे पर मंथन किया जाएगा। इसके बाद ही पार्टी तय करेगी कि वह अपने उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ाएगी या नहीं।
हरियाणा कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल की अध्यक्षता में रविवार को दिल्ली स्थित 15 गुरुद्वारा रकाबगंज मार्ग पर हरियाणा कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की बैठक हुई। हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा और पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में कांग्रेस के सभी नेताओं से विचार विमर्श किया गया। कांग्रेस कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, विधायक कुलदीप बिश्नोई, कांग्रेस के ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन कैप्टन अजय सिंह यादव, विधायक किरण चौधरी, वीरेंद्र राठौर, आशीष दुआ, प्रदीप नरवाल, चेतन चौहान, हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने अपनी- अपनी राय रखी। अलग-अलग राय होने के कारण बैठक में कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका कि पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़े या नहीं। विवेक बंसल ने कहा कि इसको लेकर भविष्य की बैठकों में फैसला लिया जाएगा। बता दें कि इससे पहले पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने भी पिछली बार पार्टी के चिह्न पर निकाय चुनाव कराने को लेकर प्रयास किए थे, लेकिन उनको सफलता नहीं मिल पाई थी।
प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों की लिस्ट तैयार
बैठक में निकाय चुनाव के लिए मुद्दों को लेकर भी मंथन किया गया। सभी नेताओं से हरियाणा के ज्वलंत मुद्दों की जानकारी ली गई और बाकायदा उनकी लिस्ट तैयार की गई। प्रभारी विवेक बंसल ने कहा कि सभी नेता इन मुद्दों पर तैयारी करें और लोगों के बीच जाकर अपनी आवाज उठाएं। बंसल ने सभी नेताओं को एकजुटता का पाठ भी पढ़ाया। सभी नेताओं ने एक सुर में बेरोजगारी, घोटाले, अटकी भर्तियों, आंगनबाड़ी और आशा वर्कर समेत कर्मचारियों के मुद्दे बताए। भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में हरियाणा की स्थायी सदस्यता खत्म करने समेत किसानों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पाने की बात रखी। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में मुद्दों की कमी नहीं है, सरकार की नीतियों से हर वर्ग परेशान है।