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कांग्रेस ने पंजाब के लिए अतिरिक्त केंद्रीय बल मांगने की निंदा की

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चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से राज्य में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का हवाला देकर केंद्र से अतिरिक्त सुरक्षा बल मांगे जाने की निंदा की है। मंगलवार को जारी एक बयान में राजा वड़िंग ने कहा कि यह न सिर्फ सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार की विफलता दर्शाता है, बल्कि आम आदमी पार्टी सरकार के खुद पर और पंजाब पुलिस की काबिलियत पर भरोसा न होना भी साबित करता है।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी द्वारा लगातार सरकार को पंजाब में पेश आ रही सुरक्षा संबंधी चुनौतियों और उनसे निपटने में राज्य सरकार में तजुर्बे की कमी को लेकर चेतावनी दी जा रही है। ऐसे में राज्य द्वारा सुरक्षा के लिए केंद्र से सहायता मांगने पर हमारा पक्ष साबित हो गया है। उन्होंने मान सरकार की पंजाब पुलिस में भरोसे की कमी को लेकर भी आलोचना की है, अन्यथा वह केंद्रीय बलों के लिए अपील नहीं करते। वड़िंग ने मान से कहा कि आपको बतौर पंजाबी यह जरूर पता होना चाहिए कि हमारी पंजाब पुलिस किसी भी तरह की सुरक्षा संबंधी चुनौती से निपटने के लिए कितनी काबिल और विश्वस्त है लेकिन समस्या यह है कि ऐसे फैसले लेने वालों को पंजाब और उसकी पुलिस के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
वड़िंग ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी चुटकी ली, जो सीधे तौर पर केंद्र से अधिक सुरक्षा बल मंगाए जाने के पीछे हैं और कहा कि केजरीवाल अपनी निजी सुरक्षा के लिए पंजाब से कमांडो लेते हैं लेकिन सूबे की सुरक्षा के लिए उनकी पार्टी की सरकार केंद्र से भीख मांग रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आप सरकार को अतिरिक्त सुरक्षा बल मांगे जाने के मामले में राज्य की वित्तीय चिंताओं से भी के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुराना तजुर्बा बहुत कड़वा है, क्योंकि सुरक्षा संबंधी खर्चे के चलते ही राज्य पर भारी कर्ज चढ़ा था।
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पंजाब ने केंद्र से मांगी सुरक्षा बलों की 10 कंपनियां
पंजाब सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति संभालने के लिए केंद्र सरकार से सुरक्षा बलों की 10 कंपनियां मांगी हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में राज्य के डीजीपी वीके भावरा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। हालांकि, औपचारिक तौर पर पंजाब पुलिस या राज्य सरकार द्वारा इस बारे में कोई सूचना सार्वजनिक नहीं की गई है।
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