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डीएसडब्ल्यू की कुर्सी खाली होगी या नहीं, अभी असमंजस

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चंडीगढ़। पीयू के डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर के पंजाब अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष बनते ही अब एक बार फिर डीएसडब्ल्यू की कुर्सी का किस्सा शुरू हो गया। कुछ जानकारों का मानना है कि प्रो. नाहर के अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनने के बाद डीएसडब्ल्यू की कुर्सी खाली हो जाएगी जबकि कुछ का कहना है कि वह दोनों जगह कार्य कर सकते हैं। फिलहाल स्थिति असमंजस की है। यह स्थिति सिंडिकेट साफ करेगी या फिर पंजाब सरकार की ओर से जारी होने वाला पत्र। जानकारों का यह भी कहना है कि प्रो. नाहर को पंजाब अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद पर यदि लगातार काम करना पड़ा तो ऐसी स्थिति में पीयू के डीएसडब्ल्यू का कार्यभार किसी अन्य शिक्षक को दिया जा सकता है। ऐसी स्थिति में सुविधाएं भी एक जगह की ही मिलेंगी।
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सूत्रों का कहना है कि डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर इसी साल मई में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके पास महज तीन माह का समय है। ऐसे में डीएसडब्ल्यू का कार्यकाल पूरा करने के लिए प्रो. नाहर इस पद पर बने रह सकते हैं। साथ ही गोयल ग्रुप भी चाहता है कि वह कार्यकाल अपना यहां पूरा करें। क्योंकि गोयल ग्रुप के जरिये ही उन्हें डीएसडब्ल्यू की कुर्सी दोबारा मिली थी। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर करवाई थी। मामला प्रतिष्ठा से जुड़ा है, इसलिए बीच में कुर्सी छोड़ना भी ठीक नहीं माना जा रहा। सूत्रों का कहना है कि नया डीएसडब्ल्यू मई माह में ही तय होगा। अगर इस बीच में प्रो. नाहर खुद अपना पद छोड़ेंगे तो ऐसी स्थिति में किसी अन्य शिक्षक को चार्ज दिया जा सकता है। उसके लिए डॉ. जगत भूषण का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। क्योंकि प्रो. नाहर को डीएसडब्ल्यू पद से हटाने के बाद उन्हें ही यह चार्ज मिला था लेकिन बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर प्रो. नाहर फिर काबिज हुए थे। प्रो. नाहर का कहना है कि अभी उन्हें पंजाब सरकार की ओर से पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही पत्र मिलेगा उसके बाद तय करेंगे कि पद छोड़ेंगे या नहीं।
दावेदार कई पर उम्मीदों पर फिर सकता है पानी
डीएसडब्ल्यू की कुर्सी के लिए दावेदारों की संख्या एक दर्जन से अधिक हैं लेकिन फिलहाल उम्मीद उनकी पूरी होती नजर नहीं आ रही है। यदि प्रो. नाहर पद छोड़ेंगे भी तो फिर इसका कार्यभार किसी को दिया जाएगा। वह भी महज मई माह तक। हालांकि ऐसी स्थिति बनती नजर नहीं आ रही है। मई के बाद ही कुछ तय होगा।
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