पंचकूला। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतीय जन औषधि परियोजना का उद्देश्य आम जनता को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना है। इसके तहत डॉक्टरों को जेनेरिक दवाएं लिखने के निर्देश दिए गए हैं और जगह-जगह जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। लेकिन पंचकूला सेक्टर-6 के जन औषधि दुकानों में दवाओं की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सेक्टर-6 में इस समय दो जन औषधि दुकानें संचालित हैं, एक मार्केट में और दूसरी सरकारी अस्पताल परिसर में। दोनों दुकानों पर एक ही दवा के दाम अलग-अलग हैं और दवाओं पर अंकित एमआरपी भी अत्यधिक छपी होती है, जिससे कीमत को लेकर संशय पैदा होता है।
एक ही दवा के दाम अलग, पारदर्शिता की मांग
31 जनवरी: अस्पताल की दुकान से 5 एमजी की 10 गोलियां 11 रुपये में खरीदी गई (एमआरपी 15 रुपये)
7 फरवरी: मार्केट की दुकान से वही दवा 30 रुपये में खरीदी गई (एमआरपी 108.75 रुपये)
सेक्टर-16 आरडब्ल्यूए के महासचिव सुभाष पपनेजा ने सिविल सर्जन, प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर और स्वास्थ्य महानिदेशक हरियाणा को पत्र भेजकर दुकानों में दवाओं की कीमतों में एकरूपता और कैश मेमो जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता से ही उपभोक्ताओं का भरोसा कायम रहेगा और यह जनहितैषी योजना सफलतापूर्वक चल सकेगी।