फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: क्लर्क, रिटायर्ड बैंक अधिकारी और सॉफ्टवेयर इंजीनियर से 17.91 लाख ठगे

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। जिले में साइबर ठग लगातार लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। बीते दिनों अलग-अलग मामलों में ठगों ने एक महिला क्लर्क, एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी और एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से मिलाकर करीब 17.91 लाख रुपये की ठगी की। तीनों मामलों में पीडि़तों की शिकायत पर साइबर थाना सेक्टर-20 में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एक दिन में साइबर ठगी के तीन मामले दर्ज किए गए है।
विज्ञापन


शिक्षा विभाग की क्लर्क से 1.40 लाख रुपये ठगे

पहला मामला : शिक्षा विभाग की क्लर्क सोनिया सेक्टर 27 पंचकूला में रहती हैं। सोनिया ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एक निजी बीमा कंपनी से इंश्योरेंस पॉलिसी ले रखी थी। 16 जुलाई को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई और कॉलर ने खुद को बीमा कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनकी पॉलिसी की किस्त बकाया है और भुगतान न करने पर पॉलिसी रद्द हो जाएगी। डर के चलते सोनिया ने आरोपी द्वारा बताए खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। अगले दिन फिरकॉल आई और दूसरी किस्त के नाम पर 80 हजार रुपये और जमा करवा दिए। बाद में बीमा कंपनी से जानकारी लेने पर उन्हें पता चला कि उनके साथ कुल 1.40 लाख रुपये की साइबर ठगी हो चुकी है।

-रिटायर्ड बैंक अधिकारी से 8 आठ की ठगी ठगी

दूसरा मामला : कालका निवासी रिटायर्ड बैंक अधिकारी हरि किशन का है। उन्होंने दी शिकायत में बताया कि 23 जुलाई को उन्होंने पीएनबी बैंक एप डाउनलोड करने की कोशिश की थी, जो कई प्रयासों के बाद भी डाउनलोड नहीं हुआ। 2 सितंबर को जब वह पेंशन लेने बैंक पहुंचे तो पता चला कि उनके खाते से 8 लाख रुपये का डिजिटल लोन लिया गया है और उसकी पहली किस्त भी उनके खाते से काटी जा चुकी है। शिकायतकर्ता दी शिकायत में बताया कि उन्होंने किसी को ओटीपी तक साझा नहीं किया था, फिर भी ठगों ने उनके बैंक खाते की जानकारी का दुरुपयोग कर लोन निकाल लिया।
विज्ञापन


सॉफ्टवेयर इंजीनियर से 8.51 लाख की ठगी

तीसरा मामला : पिंजौर निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर पवन कुमार का है जिनसे ऑनलाइन ट्रेडिंग में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 8.51 लाख रुपये की ठगी हुई। आरोपी महिला ने टेलिग्राम के जरिये उनसे संपर्क किया और शुरू में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीत लिया। बाद में पवन ने कई किस्तों में लाखों रुपये निवेश कर दिए। जब उन्होंने लाभ सहित पैसा निकालना चाहा तो आरोपियों ने टैक्स के नाम पर 5.50 लाख रुपये और मांगे और फिर संपर्क तोड़ दिया।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें