पंचकूला। उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण व जनस्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के जिला अधिकारियों को सीवर या सैपटिक टैंक की सफाई का कार्य मशीनों के माध्यम से ही करवाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य है कि सीवर की सफाई के दौरान सफाई कर्मचारी की मृत्यु न हो।
विनय प्रताप सिंह बुधवार को जिला सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय मैनुअल स्कवेंजर सर्तकता कमेटी की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि यदि सफाई कर्मचारी द्वारा मैनुअल तरीके से सीवर की साफ-सफाई करवाना बहुत ही आवश्यक हो तो यह सुनिश्चित किया जाए कि सीवर की सफाई करने वाले कर्मचारी को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया गया हो। सफाई कर्मचारी को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण जैसे श्वसन मास्क, कृत्रिम श्वसन जाली या वायु शोधक गैस मास्क, हाथ के दस्ताने, हेलमेट, सुरक्षा चश्मे, सुरक्षा कपड़े, बरसाती सुरक्षा सर्च लाइटें से लेस किया जाए। संबंधित विभाग यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सीवर की सफाई का कार्य केवल उन्हीं सफाई कर्मचारियों से करवाया जाए, जो इस काम के लिए पहले से ही तय किए गए हो और जिन्होंने इस कार्य का प्रशिक्षण लिया हो।
वहीं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण व जनस्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के जिला अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए कि वे ऐसी सभी ऑउटसोर्सिंग एजेंसी जो सीवरमैन उपलब्ध करवाने का कार्य करती हैं, से एफीडेविट लें कि उन्होंने अपने सीवरमैन या सफाई कर्मचारियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए हैं। बैठक में एसीपी ममता सौदा, जिला कल्याण अधिकारी शीश पाल तथा विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी व समिति के गैर सरकारी सदस्य उपस्थित थे।
एजेंसी होगी सीवरमैन की मौत की जिम्मेदार
किसी भी सुरक्षा उपकरण के कारण अगर सीवरमैन की मौत होती है तो इसके लिए सफाई एजेंसी जिम्मेदार होगी। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियों से यह एफिडेविट आगामी दो सप्ताह के अंदर जमा करवाए जाएं। यदि जिले में बिना व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण के सीवर की सफाई का कोई भी मामला किसी के भी संज्ञान में आता है तो वे उसका फोटो खींचकर उन्हें भेज सकते है। वह स्वयं ऐसे मामले का संज्ञान लेंगे तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। समिति के गैर-सरकारी सदस्य इस मामले में अपने सुझाव उनके कार्यालय को लिखित रूप में भिजवा सकते हैं।