सेक्टर-20 स्थित सेब मंडी में समस्याएं दिनोंदिन तेजी से बढ़ती जा रही हैं। नतीजतन व्यापारियों को सड़क पर ही ट्रकों से सेब की पेटियों को उतारना पड़ रहा है। व्यापारियों के लिए मंडी के बजाय सड़कों पर ही सेब की पेटियां रखकर कारोबार करने की मजबूरी है। मंडी में जगह नहीं होने से सेक्टर-20 और सेक्टर-21 की दोनों तरफ की सड़कों पर ट्रकों की लंबी कतारें लगी हैं। इस कारण वहां से रोजाना आवाजाही करने वाले उक्त दोनों सेक्टर के निवासियों के लिए परेशानी बनी हुई है। सेब आढ़तियों के अनुसार मार्केट कमेटी की तरफ से हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपेंट को पेमेंट नहीं होने से एचएमटी का निर्माण कार्य रुका पड़ा है। उनके मुताबिक एप्पल का सीजन शुरू होने पर अलग-अलग राज्यों से सेब लोडर, सेब उत्पादक और लेबर मार्केट में पहुंचते हैं। मंडी में कार्यालय, शेड और बैठने की जगह तक नहीं होने से कारोबार के लिए मुश्किलें बनी हुई हैं। आढ़तियों ने कहा कि मार्केट बोर्ड को व्यापारियों को पिंजौर बुलाने से पहले सभी तैयारियां पूरी करनी चाहिए। पंचकूला में पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में पिंजौर में भी व्यापार कैसे संभव होगा। गौरतलब है कि सेब का सीजन शुरू होने पर सेक्टर-20 मंडी में चंडीगढ़ से पलायन कर चुके आढ़तियों के अलावा परमाणु और सोलन के आढ़ती पहुंचते हैं।
एनक्रोचमेंट और सट्टेबाजी है बेलगाम
आढ़तियों ने कहा कि सेक्टर-20 स्थित सेब मार्केट में एनक्रोचमेंट और सट्टेबाजी लगातार जारी है। सैकड़ों की संख्या में रेहड़ी-फड़ी, ढाबों व पनवारी की दुकान के संचालक मंडी की जमीन पर अवैध कब्जा किए बैठे हैं। इस कारण सेब व्यापारियों के सामने मंडी से बाहर की सड़कों पर खड़े होकर व्यापार करने की मजबूरी है। आढ़तियों के मुताबिक मंडी में रोजाना नशे में धुत लोग खुलेआम सट्टा खेलते हैं। उन्होंने पुलिस पर कोई कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए। व्यापारियों ने ऐसे माहौल में व्यापार करना खतरे से कम नहीं होने की बात कही। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अश्वनी चौहान ने मंडी में एंक्रोचमेंट की रोकथाम को मार्केट कमेटी के सेक्रेटरी को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि आढ़तियों को उम्मीद है कि मार्केट कमेटी समस्या का निदान जल्द करेगी। ताकि व्यापार पहले के मुकाबले अधिक सुचारु रूप से चल सके।
मार्केट कमेटी के दावे इस साल भी फेल
पिंजौर की 100 एकड़ जमीन पर एप्पल मार्केट का निर्माण कार्य अधूरा होने से सेक्टर-20 स्थित सेब मंडी में ही सेब का व्यापार किया जा रहा है। पांच जुलाई से हिमाचल से पंचकूला में रोजाना सेबों से लदे करीब 100 ट्रक पहुंच रहे हैं। जबकि हरियाणा सरकार द्वारा पिंजौर में सेब मंडी के निर्माण की घोषणा के बाद मार्केट कमेटी ने वर्ष 2019 के जून महीने तक सेब मंडी का निर्माण कार्य पूरा करने के दावे किए थे। लेकिन पिंजौर स्थित मंडी में महज सड़कें ही बनाई जा सकी हैं।
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन करेगा विरोध
वेलफेयर के उप प्रधान बीबी शर्मा ने कहस कि सेबों से लदे ट्रकों के कारण सेक्टर-20, 21 की सड़कें तालाब बन गई हैं। लोगों में असुरक्षा का भाव है। इसी कारण दोनों सेक्टर की आरडबल्यूए ने सेक्टर-20 में सेब मंडी का विरोध किया था। मार्केट बोर्ड ने उन्हें अगले सीजन में सेब मंडी को पिंजौर शिफ्ट करने का आश्वासन दिया। लेकिन जुलाई की शुरूआत से सेब का व्यापार दोबारा सेक्टर-20 में शुरू कर दिया गया। आरडबल्यूए प्रधान एसके नैय्यर के सहयोग से दोबारा इसका विरोध करेगी।
लो बेल्ट से आ रहा सेब
अश्वनी शर्मा ने बताया कि फिलहाल मंडी में लो बेल्ट यानि कसौक जिला मंडी और शिमला का सेब पहुंच रहा है। इसमें टाइटमेन, रॉयल, पीअर और रेड गोल्डन वैरायटी मुख्य है। बताया गया कि बेस्ट क्वालिटी के सेब यानी रॉयल की एक पेटी की कीमत 3 हजार रुपये, पीअर की कीमत ग्यारह सौ रुपये, रेड गोल्डन की कीमत बारह सौ और टाइटमैन सेब की कीमत 2 हजार रुपये पेटी है। एक पेटी में करीब 20-25 किलो सेब रहता है।
अधूरे कार्य को 4 दिन में पूरा करने का आश्वासन
मार्केट बोर्ड के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर ने बताया कि वह फिलहाल डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। कहा कि करीब पांच दिन में मंडी बनकर तैयार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अगस्त महीने तक मंडी शिफ्ट कर दी जाएगी। बताया कि तैयारी पूरी है लेकिन पेड़ काटने की परमिशन मिलने में देरी और पेमेंट पूरी नहीं होने से कार्य रुका हुआ था। जबकि पिंजौर में अब तक महज एक ही सड़क बनाई गई है। वहां न तो शेड तैयार हैं और न ही आढ़तियों के कार्यालय।