संवाद न्यूज़ एजेंसी
बरवाला। सीटू से जुड़े तमाम संगठन विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर 11 जुलाई को जिला उपायुक्त कार्यालय पंचकूला पर 24 घंटे का पड़ाव डालेंगे। इसके बाद 24 जुलाई को श्रम बोर्ड सेक्टर 4 पंचकूला पर अनिश्चितकालीन पड़ाव डालेंगे।
सीटू जिला कमेटी की मीटिंग रविवार को सीटू कार्यालय बरवाला में जिला सचिव लच्छीराम शर्मा और उषा देवी की अध्यक्षता में हुई। इसमें भवन निर्माण, आशा वर्कर, मिड डे मील वर्कर, आंगनवाड़ी, वन विभाग स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी, ग्रामीण चौकीदार, रेहड़ी पटरी यूनियन के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
मीटिंग को संबोधित करते हुए जिला सचिव लच्छीराम शर्मा व राज्य सचिव सतीश सेठी ने कहा कि जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है आम मजदूरों को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। आशा वर्कर के लगातार आंदोलन के बाद भी सरकार अनदेखी कर रही है। मिड डे मील वर्कर को सिर्फ 10 महीने वेतन मिलता है, वह भी समय पर नहीं मिलता। निर्माण मजदूरों के काम की 90 दिन की वेरिफिकेशन जो पहले यूनियन करती थी अब उसकी जिम्मेदारी पंचायत सचिव, नगर निगम के जेईई, लेबर इंस्पेक्टर, पटवारी, कानूनगो को सौंप रखी है। लेकिन कोई भी अधिकारी इस कार्य को करने को तैयार नहीं है। कई बार सरकार को लिखित में सूचना देने के बावजूद यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय नहीं दिया गया है। इसके विरोध में सीटू से जुड़े तमाम संगठन 11 जुलाई को जिला उपायुक्त कार्यालय पंचकूला पर 24 घंटे का पड़ाव डालेंगे। इसके बाद 24 जुलाई को श्रम बोर्ड सेक्टर 4 पंचकूला पर अनिश्चितकालीन पड़ाव डालेंगे।
मीटिंग को मेहर चंद गोयल, रणधीर साथी, करमचंद कामी, जसबीर, गफूर, कर्म सिंह सोमनाथ, किरण आदि ने भी संबोधित किया।