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एफडी घोटाले की जांच रिटायर्ड अफसर को सौंपी

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सिटको ने कम ब्याज दर पर 7.25 करोड़ की एफडी कराने के मामले की जांच एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को सौंपी दी है। साथ ही तीन माह के अंदर जांच रिपोर्ट देने को कहा है। एफडी घोटाले में सीनियर मैनेजर, जीएम (एफएंडए) का नाम सामने आने के बाद कारपोरेशन पर लगातार इन्हें बचाने के आरोप लग रहे थे। ऐसे में आरोपों से बचने के लिए एक बार फिर से सिटको मैनजेमेंट ने नए सिरे एफडी घोटाले की जांच कराने का फैसला लिया है।
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सिटको प्रोग्रेसिव वर्कर्स यूनियन के चेयरमैन कश्मीर चंद ने बीते साल सिटको मैनेजमेंट सहित चंडीगढ़ के प्रशासन के विजिलेंस डिपार्टमेंट को लेटर आरोप लगाया था कि अधिक ब्याज देने के बाद भी सिटको के अकाउंट डिपार्टमेंट ने करोड़ों की एफडी कम ब्याज दर पर अन्य बैंकों में करा दी। इस मामले में विजिलेंस ने दस्तावेज मांगे थे। 9 सितंबर 2018 को सिटको मैनेजिंग डायरेक्टर ने विजिलेंस को लेटर लिखा था, जिसमें बताया गया कि था कि अभी उनके पास एफडी मामले से संबंधित कोई रिकार्ड नहीं है। यह रिकार्ड एफपीओ के पास है यह पहले ही उनको जांच के लिए दिया गया है। जब यह रिकार्ड वहां से वापस आएंगे तब यह विजिलेंस को मुहैया कराया जा सकेगा। तब से यह मामला विजिलेंस में पेंडिंग में पड़ा हुआ है। इस संबंध में सिटको के चीफ जनरल मैनेजर आरके पोपली ने बताया कि मैनेजिंग डायरेक्टर की तरफ से इस संबंध में जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नियमित रूप से इसकी जाचं करके रिपोर्ट दाखिल की जा सकें। एमडी की तरफ से ही मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे कम ब्याज दर पर जमा की गई एफडी
सिटको यूनियन के कश्मीर चंद ने बताया कि 6 करोड़ रुपये की एफडी थी, जोकि 9 सितंबर 2017 को मेच्योर हो गई थी। इस तरह इसकी कुल राशि 7.25 करोड़ रुपये हो गई थी। इसके आगे बैंकों में जमा करवाने के लिए विभिन्न बैंकों से ब्याज दर को लेकर आवेदन मांगे गए थे। इसमें बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब एंड सिंध बैंक ने सबसे अधिक ब्याज दर 6.70 प्रतिशत दर ऑफर की थ जबकि नीचे से दूसरे नंबर पर सबसे कम ब्याज दर इंडियन बैंक द्वारा ऑफर की गई थी। यही कारण है कि सबसे अधिक ब्याज दर होने के चलते एक साल के लिए 3-3 करोड़ रुपये की एफडी प्रत्येक बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब एंड सिंध बैंक में जमा करवाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि जानकारी के अनुसार तत्कालीन मैनेजिंग डायरेक्टर ने इसके अप्रूवल भी दे दी थी।
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इनके खिलाफ हो चुकी है चार्जशीट
एफडी घोटाले मामले में विभाग ने सीनियर मैनेजर, जीएम (एफएंडए) के खिलाफ चार्जशीट की कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बाद ही उन्हें लिखित में अपना जवाब देने के लिए बोला गया है, जबकि उन्होंने अपने जवाब में सभी आरोपों से इंकार कर दिया है। यही कारण है कि विभाग अब दोबारा से एक रिटायर्ड आईएएस से कराने का निर्णय लिया है।
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