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Panchkula News: मौसम में बदलाव से बच्चे हो रहे कनफेड के शिकार

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रोजाना पांच से अधिक मामले आ रहे सामने, डॉक्टरों ने बरतने को कहा एहतियात
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। मौसम में बदलाव के साथ शहर के सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में ‘कनफेड’ (मम्प्स) के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ईएनटी ओपीडी में रोजाना पांच से अधिक बच्चे इस संक्रमण के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सक अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
अस्पताल की ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. सुखदीप कौर ने बताया कि यह एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो लार ग्रंथियों में दर्दनाक सूजन, बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द का कारण बनती है। यह संक्रमित व्यक्ति की लार, खांसने या छींकने से फैलती है। इसके लक्षण 15 से 20 दिन बाद दिखाई देने लगते हैं और लगभग एक सप्ताह में मरीज स्वस्थ हो जाता है।
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उन्होंने बताया कि मौसम में सुबह-शाम ठंड और दोपहर में गर्मी के कारण बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है। जरा सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है। बुखार, सिरदर्द, भूख न लगना, कमजोरी, चबाने व निगलने में दर्द और गालों में सूजन इसके प्रमुख लक्षण हैं, जो टॉन्सिल की समस्या से मिलते-जुलते हैं।
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इन दिनों ईएनटी ओपीडी में प्रतिदिन करीब 200 मरीज विभिन्न समस्याओं के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने खांसी, जुकाम और वायरल बुखार से संक्रमित लोगों से बच्चों को दूर रखने की सलाह दी है।

बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां
बच्चों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचाएं।
खाना बनाने और खाने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं।
बच्चों को छींकते समय टिशू पेपर या रूमाल का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।
जिन सतहों को बच्चे बार-बार छूते हैं, उनकी नियमित सफाई और डिसइंफेक्शन करें।
संक्रमण होने पर गर्म पानी पिलाएं और चिकित्सक की सलाह से दवा लें।
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