चंडीगढ़ पीजीआई में 12 वर्षीय लड़के की मौत पर उसके परिजनों ने नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि नर्स ने गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इस मामले की शिकायत पीजीआई डायरेक्टर से की।
डायरेक्टर ने तुरंत मामले की जांच के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों की एक कमेटी गठित कर दी है। कमेटी को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी है। कमेटी में बाल रोग विशेषज्ञ व प्रमुख डा. सुरजीत सिंह, इंटरनल मेडिसिनर के डा. संजय जैन, नेफ्रोलाजी विभाग के डा. मनीष राठी व फोरेंसिक मेडिसिन व हास्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन के प्रतिनिधि को भी शामिल किया गया है।
बाबूराम के मुताबिक, वह मूलरूप से मुरादाबाद (यूपी) के रहने वाले हैं और यहां ढकोली (जीरकपुर) में रहते हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनका 12 वर्षीय बेटा सोनू बुखार व उल्टी से पीड़ित था। 11 नवंबर को उसे सिविल हास्पिटल फेज छह में भर्ती कराया गया। वहां पर कोई सुधार नहीं होने पर उसे 16 नवंबर को पीजीआई रेफर कर दिया गया।
पीजीआई में उसकी हालत में सुधार होने लगा था। बाबू राम का कहना है कि पीजीआई के डाक्टर ने उन्हें एक इंजेक्शन लाने को कहा। वे अमृत फार्मेसी से इंजेक्शन ले आए। इंजेक्शन लगते ही बच्चे की हालत खराब होने लगी और उसे दोबारा से वेंटिलेटर पर ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
उन्होंने पीजीआई को लिखित में शिकायत दी है कि उन्हें शक है कि उनके बेटे की मौत गलत इंजेक्शन के लगने से हुई है। इस पर पीजीआई नर्सिंग एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सतबीर डागर का कहना है कि मौत की क्या वजह रही है, वो तो जांच कमेटी से पता करेगी लेकिन नर्स ने गलत इंजेक्शन नहीं लगाया था।