चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट करते हुए नौजवानों से देश सेवा के लिए सेना में शामिल होने का आह्वान किया।
कारगिल युद्ध की 22वीं वर्षगांठ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने यहां बोगनविलिया गार्डन में स्थित युद्ध स्मारक पर फूल-मालाएं अर्पण कीं और कारगिल युद्ध के दौरान अपनी जान न्यौछावर करने वाले पंजाब के 54 बहादुर जवानों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी। कारगिल विजय दिवस पर युद्ध नायकों के बेमिसाल बलिदानों को याद करते हुए कैप्टन ने जांबाज भारतीय सैनिकों को याद किया, जिन्होंने जुलाई 1999 में खराब मौसम के बीच शौर्य के साथ कारगिल, द्रास और बालटिक इलाकों में घुसपैठ करने वाली पाकिस्तानी सेना को मुंह तोड़ जवाब दिया था।
इस मौके पर एनसीसी कैडेट्स और माई भागो आर्म्ड फोर्सिज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट मोहाली की महिला कैडेट्स के साथ संक्षिप्त बातचीत के दौरान कैप्टन ने उनको देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह बाकी नौजवानों के अंदर भी देशभक्ति और राष्ट्रवाद का जज्बा पैदा करने के लिए रोल मॉडल बन सकते हैं। पीएपी बैंड के साथ पीएपी ग्रुप के कमांडर डीएसपी दविंदर सिंह के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर द्वारा सलामी दी गई। समारोह में कई सीनियर और सेवामुक्त रक्षा अफसर भी शामिल हुए।
इस मौके पर उपस्थित मुख्यमंत्री के सीनियर सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवामुक्त) टीएस शेरगिल, सचिव (रक्षा सेनाएं) गुरकिरत कृपाल सिंह, डायरेक्टर (रक्षा सेनाएं) ब्रिगेडियर सतिंद्र सिंह, महाराजा भुपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के उप कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) जेएस चीमा और मुख्यमंत्री के सचिव (राजनैतिक) मेजर अमरदीप सिंह भी उपस्थित थे।