चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के दोनों पोते अब पुश्तैनी कोठी में शादी के फेरे नहीं ले सकेंगे। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चौटाला को झटका देते हुए प्रवर्तन निदेशालय अपीलीय ट्रिब्यूनल के उस आदेश को खारिज कर दिया है जिसके तहत ओमप्रकाश चौटाला को सिरसा के गांव तेजाखेड़ा स्थित फार्म हाउस में बनी कोठी में पोतों की शादी की अनुमति दी गई थी। हालंाकि अब ट्रिब्यूनल के सामने 18 नवंबर को होने वाली सुनवाई से आखिरी उम्मीद बची है।
ईडी ने ट्रिब्यूनल के आदेश को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय के वकील अरविंद मौदगिल ने बेंच को बताया कि पिछले साल ओमप्रकाश चौटाला की तेजाखेड़ा स्थित फार्म हाउस में बनी कोठी को प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने अटैच कर लिया था। नवंबर माह के अंतिम सप्ताह में ओमप्रकाश चौटाला के दो पौत्रों करण चौटाला व अर्जुन चौटाला के विवाह हैं। दोनों अभय सिंह चौटाला के पुत्र हैं। इसके लिए ओमप्रकाश चौटाला की तरफ से अटैच तेजाखेड़ा स्थित फार्म हाउस में बनी कोठी को विवाह के लिए प्रयोग करने की अनुमति दी जाए। इस मांग पर प्रवर्तन निदेशालय अपीलीय ट्रिब्यूनल ने आदेश जारी कर प्रवर्तन निदेशालय को विवाह के लिए तेजाखेड़ा स्थित फार्म हाउस में बनी कोठी चौटाला को एक माह के लिए देने को कहा था। प्रवर्तन निदेशालय ने अपीलीय ट्रिब्यूनल के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि जब प्रवर्तन निदेशालय ने किसी संपत्ति को अटैच किया हुआ हो और ट्रायल जारी हो तो उसे कैसे छोड़ा जा सकता है। प्रापर्टी प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 की धारा 8 (4) के तहत यह संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय के कब्जे में है।
अपीलीय ट्रिब्यूनल के आदेश पर हाईकोर्ट ने पहले लगाई थी अंतरिम रोक
प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि अपीलीय ट्रिब्यूनल ने छह नवंबर से पहले कोठी चौटाला को देने का आदेश दिया था। प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर हाईकोर्ट ने पहली सुनवाई छह नवंबर को ही अपीलीय ट्रिब्यूनल के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। कोर्ट ने अपीलीय ट्रिब्यूनल के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि यह आदेश नियमानुसार नहीं है, इस आदेश में अपीलीय ट्रिब्यूनल ने किसी कानून का हवाला नहीं दिया। कोर्ट ने अपीलीय ट्रिब्यूनल को यह मामला वापस भेजते हुए आदेश दिया कि इस मामले पर नियमानुसार उचित सुनवाई करें। हाईकोर्ट ने इस मामले में पिछले सप्ताह अपना फैसला सुरक्षित रखा था। अब मंगलवार को हाईकोर्ट ने अपीलीय ट्रिब्यूनल के आदेश को ही रद्द कर दिया। हालांकि दोनों पक्षों को हाईकोर्ट ने 18 नवंबर को उनकी मांग को लेकर ट्रिब्यूनल के सामने पेश होने के आदेश दिए हैं, जिससे चौटाला परिवार को इस संबंध में आखिरी उम्मीद है।