चंडीगढ़। 36 हजार मुलाजिमों को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के आरोपों को राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने सिरे से खारिज किया है। पंजाब में संविदा कर्मचारियों की सेवाओं के नियमितीकरण संबंधी फाइल की स्थिति स्पष्ट करते हुए राज्यपाल ने कहा है कि 1 जनवरी को मुख्यमंत्री की ओर से दी गई जानकारी तथ्यात्मक रूप से गलत है।
उन्होंने बताया कि संविदा कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने संबंधी फाइल छह प्रश्नों के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय को 31 दिसंबर को लौटा दी गई थी, जिनका उत्तर राज्य सरकार द्वारा अभी तक नहीं दिया गया है। फाइल पर उठाए गए प्रश्नों की प्रति सभी संबंधित लोगों की जानकारी के लिए संलग्न है। यह फाइल 31 दिसंबर, 2021 को मुख्यमंत्री कार्यालय ने विधिवत रूप से प्राप्त की थी और उठाए गए प्रश्नों का उत्तर मिलना बाकी है।
पुरोहित ने मुख्यमंत्री को फाइल पर उठाए गए सवालों का जवाब देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि एक बार जवाब आने के बाद, राज्यपाल के सचिवालय में बिल की फिर से जांच की जाएगी।
11 नवंबर को विधानसभा में हुआ था पारित
संविदा कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने संबंधी विधेयक 11 नवंबर, 2021 को राज्य विधानसभा में पारित किया गया था। करीब 20 दिन के अंतराल के बाद फाइल 1 दिसंबर 2021 को पंजाब राजभवन को भेजी गई।
दिसंबर में दौरे पर रहे राज्यपाल
राजभवन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार दिसंबर माह के दौरान राज्यपाल प्रदेश के विभिन्न जिलों के दौरे पर थे। राज्यपाल ने 21 दिसंबर को अपने दौरे का समापन किया और उसके बाद 23 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने राजभवन में आकर उनसे मुलाकात की। फाइल का विधिवत अध्ययन किया गया और 31 दिसंबर, 2021 को अवलोकन प्रश्नों के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय को लौटा दी गई।