विधायक चंद्रमोहन ने सीएम से हस्तक्षेप की मांग की
फिक्स्ड चार्ज बढ़ने से घरेलू उपभोक्ताओं पर दोहरा आर्थिक बोझ
कांग्रेस विधायक ने तुरंत सुधार की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पंचकूला में बिजली दरों में हालिया बदलाव को लेकर कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में बिजली निगमों ने प्रति यूनिट दर बढ़ाने के साथ-साथ ऐसे नियम लागू किए हैं, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
विधायक ने बताया कि सरकारी विज्ञापनों में दावा किया गया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मंथली मिनिमम चार्ज समाप्त कर दिया गया है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। मंथली मिनिमम चार्ज का नाम बदलकर फिक्स्ड चार्ज कर दिया गया है, जो पहले से भी ज्यादा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब 5 किलोवाट तक के कनेक्टेड लोड पर 50 रुपये प्रति किलोवाट, और 5 किलोवाट से अधिक लोड पर 75 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह फिक्स्ड चार्ज अनिवार्य कर दिया गया है। पहले यदि बिजली बिल कम आता था, तो केवल न्यूनतम राशि का अंतर लिया जाता था, लेकिन अब हर हाल में फिक्स्ड चार्ज वसूला जा रहा है।
चंद्रमोहन ने इसे जनता को राहत देने के बजाय अतिरिक्त बोझ बताया और सरकार से इसे तुरंत ठीक करने की मांग की। उन्होंने स्लैब सिस्टम को कनेक्टेड लोड से जोड़ने को भी गलत बताया। उनका कहना है कि इससे जरूरतमंद उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी पर असर पड़ेगा और सरकार की जनहितकारी छवि को नुकसान होगा।
विधायक ने बताया कि 5 केवीए लोड वाले मीटर पर 223.41 यूनिट खपत का बिल 962 रुपये आता है। वहीं 5 केवीए से अधिक लोड वाले मीटर पर उतनी ही खपत पर बिल 2096 रुपये बनता है। यानी सिर्फ कनेक्टेड लोड अधिक होने से ही समान खपत पर 1134 रुपये ज्यादा बिल देना पड़ रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। पहले ऐसा नहीं था और केवल ज्यादा खपत होने पर ही स्लैब बदलता था।