चंडीगढ़। निगम आयुक्त केके यादव शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त हो गए हैं। उन्होंने बुधवार को आदेश जारी कर कहा है कि सभी मुख्य सफाई निरीक्षकों (सीएसआई) और सफाई निरीक्षकों (एसआई) को सुबह के समय अपने क्षेत्र में ही रहना होगा। वहीं, एमओएच डॉ. एपी सिंह औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था पर नजर रखेंगे। इसकी प्रतिदिन की रिपोर्ट आयुक्त के पास जाएगी। लापरवाही पर संबंधित एसआई के खिलाफ कार्रवाई होगी।
निगम आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए कहा है शहर की सफाई व्यवस्था का स्तर गिरता जा रहा है। इसका मुख्य कारण है कि अधिकारी मौके पर नहीं जा रहे हैं, इसलिए सभी एसआई को सुबह कार्यालय में आने से पहले चार घंटे तक अपने क्षेत्र में सफाई करवाने के साथ ही रिपोर्ट तैयार करनी है। सीएसआई अपने क्षेत्र में रहने के साथ ही एसआई से पूरे दिन की रिपोर्ट लेंगे। एमओएच भी औचक निरीक्षण करने के साथ सीएसआई से दिन भर की रिपोर्ट लेंगे। दिन भर की कंपाइल रिपोर्ट सेक्टर के हिसाब से निगम आयुक्त के पास जाएगी। मॉनिटरिंग सेल या निगम आयुक्त कभी भी इन साफ हो चुके क्षेत्रों का निरीक्षण कर सकते हैं। इस दौरान कोई लापरवाही मिली तो संबंधित एसआई के खिलाफ कार्रवाई होगी।
आयुक्त के बोले, निगरानी होगी तभी रहेगी स्वच्छता
आयुक्त ने कहा कि निगम हर माह सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च करता है। इस व्यवस्था की निगरानी करने की जरूरत है। ऐसा करने में सफल रहे तो सफाई व्यवस्था सबसे बेहतर होगी, इसलिए यह व्यवस्था बनाई गई है। ताकि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी तय हो सके।
रोड गलियों की सफाई के दावे हवाहवाई
नगर निगम दावा करता है कि रोड गलियों की सफाई पूरी हो गई है, जबकि सफाई कर्मचारी कचरा एकत्र कर उसे वहीं छोड़ देते हैं। यह कचरा रोड गली में भर जाता है। इससे पानी की निकासी करने वाली जाली तक जाम हो जाती है।
सेक्टर-19 में प्रदर्शन के बाद उठा था कचरा
सेक्टर 19 में एक साल से कचरे का ढेर लगा था। लोगों ने इसके लिए सफाईकर्मियों से लेकर एमओएच तक को शिकायत दी, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार लोगों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद अगले दिन निगम ने कचरा उठवाया।
पत्तों को इकट्ठा कर जला रहे
नगर निगम के पास पेड़ों से गिरने वाले पत्तों के निस्तारण की कोई योजना ही नहीं है। पत्तों को उठाने के लिए एमओएच व बागवानी विभाग के कर्मचारी एक दूसरे का मुंह देखते हैं, जिससे पत्तों को उठाया ही नहीं जाता। अंत में इन्हें इकट्ठा करके जला दिया जाता है। इसकी वीडियो आए दिन वायरल होती है।
आंधी से टूटे पेड़ आज तक नहीं उठे
आधी में टूटे पेड़ व उनकी टहनियां भी काफी दिनों तक सड़क के किनारे पड़ी रहती हैं। उनके न उठने से रोड गली और जालियों पर कचरा इकट्ठा हो जाता है। सड़कों पर पानी जमा होने पर पता चलता है कि सफाई नहीं हुई है।