चंडीगढ़। कैश वैन से 39 लाख रुपये से भरा ट्रंक गायब करने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। सेक्टर 31 थाना पुलिस ने तमिलनाडु के गिरोह के एक शातिर को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पहचान तमिलनाडु के तिरुचि निवासी सत्यासीलन (27) के रूप में हुई है। उसके कब्जे से चार लाख रुपये भी बरामद किए हैं। इसी गिरोह ने कैश से भरा ट्रंक उड़ाया था।
पुलिस का दावा है कि गिरोह की 150 टीमें देशभर में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रही हैं। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। आठ में से छह आरोपियों की पहचान कर ली गई है। सेक्टर-31 थाना प्रभारी नरेंद्र पटियाल ने इस गिरोह का खुलासा किया है।
असल में 10 अक्तूबर को सेक्टर 47 में सीएमएस कंपनी के दफ्तर से निकली कैश वैन से 39 लाख कैश से भरा लोहे का ट्रंक गायब हो गया था। कस्टोडियम भूपेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज करा दी थी। कैश वैन में दो कर्मचारियों के अलावा सुरक्षाकर्मी और चालक थे। सबसे पहले वह सेक्टर-37 स्थित कोटेक एटीएम में गए। फिर सेक्टर-38 वेस्ट स्थित एसबीआई के एटीएम पहुंचे। यहां से नयागांव में श्मशानघाट स्थित एसबीआई के एटीएम पर पहुंचे तो ट्रंक गायब मिला। इस घटना के दो दिन बाद वैन चालक ने आत्महत्या कर ली थी।
सेक्टर 34 के एटीएम के सीसीटीवी से खुल गया राज
पुलिस को सेक्टर-34 के बैंक ऑफ बड़ौदा एटीएम की सीसीटीवी में कुछ संदिग्ध दिखे। उनमें से एक युवक मोबाइल पर बात कर रहा था। जबकि दो युवक कैशवैन से ट्रंक खींचते दिखे। पुलिस ने उस जगह मौजूद मोबाइल नंबरों का डाटा लिया तो एक लाख नंबर सामने आए। जांच में दो नंबर विदेशी निकले। जांच की तो आरोपी की मोबाइल लोकेशन मिल गई। इसके आधार पर तमिलनाडु के त्रिचि स्थित रामजी नगर पहुंची और आरोपी को धर दबोचा।
एक टीम में छह से आठ शातिर शामिल, 150 टीमें हैं सक्रिय
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी बैंक व एटीएम के आसपास घटना को अंजाम देते हैं। एक टीम में छह से आठ शातिर रहते हैं। लगभग 150 टीमें देशभर में ऐसी वारदातों को अंजाम दे रही हैं।