प्रतियोगिता में घोड़ों की रफ्तार रोकने के लिए सामने रुकावट होती है, इसमें घोड़े जंप लगाते हुए आगे की ओर बढ़ जाते हैं। वहीं आगे जाते ही जंप की ऊंचाई बढ़ती चली जाती है। घुड़सवार के मुताबिक काम करना होता है। प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि अशोक नेगी, पीएमजी महानिरीक्षक, प्राथमिक प्रशिक्षण केंद्र भानू ने विजेताओं को पदक और प्रमाणपत्र वितरित किए। मौके पर ब्रिगेडियर जीएस गिल, उप महानिरीक्षक, प्राथमिक प्रशिक्षण केंद्र भानू, सुनील कांडपाल, सेनानी प्राथमिक प्रशिक्षण केंद्र भानू और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।