चंडीगढ़। सात महीने पहले सेक्टर-27सी स्थित वेस्टर्न यूनियन मनी एक्सचेंज एजेंसी संचालक से हुई तीन लाख रुपये की लूट के मामले में सेक्टर-26 थाना पुलिस पंचकूला से बुड़हनपुर निवासी एक आरोपी इंद्रजीत सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। पुलिस का दावा है कि इंद्रजीत ने ही अपने साथी राकेश के साथ मिलकर लूट की इस वारदात को अंजाम दिया था। हैरानी की बात यह है कि शिकायतकर्ता संजीव कालिया ने आरोपी इंद्रजीत को पहचाने से ही इंकार कर दिया और बोले कि ये वह आरोपी नहीं है।
27 जनवरी को पंचकूला सेक्टर-21 स्थित एक किराना की दुकान पर लूटपाट के मामले में पुलिस ने राकेश कुमार को गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ के बाद पुलिस ने इंद्रजीत सिंह को धर दबोचा। पूछताछ में उसने वेस्टर्न यूनियन मनी एक्सचेंजर एजेंसी के संचालक से तीन लाख रुपये की लूट की वारदात कबूल ली। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर ले आई है। आरोपी की पहचान करवाने के लिए वीरवार को शिकायतकर्ता संजीव कालिया को थाने में बुलाया गया, लेकिन इंद्रजीत की कद-काठी को देख संजीव कहा कि यह वो आरोपी नहीं है। वहीं पुलिस अब जल्द ही दूसरे आरोपी राकेश को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी।
ऐसे हुई थी वारदात
सेक्टर-27 सी में रायपुरखुर्द निवासी संजीव कालिया का वेस्टर्न यूनियन मनी एक्सचेंज का दफ्तर है। 27 जुलाई 2020 की दोपहर दो युवक उनके दफ्तर में घुस आए। एक ने संजीव की कनपटी पर पिस्टल रखकर धमकी दी कि चुपचाप सारा पैसा उसके हवाले कर दो, नहीं तो जिंदगी से हाथ धो बैठोगे। इतने में दूसरे युवक ने तेजधार हथियार से धमकाया। डरकर संजीव ने आरोपियों को दराज की चाबी दे दी। इसके बाद करीब तीन लाख रुपये लेकर दोनों आरोपी फरार हो गए। इनमें एक आरोपी ने हेलमेट पहना था और जाते-जाते आरोपी या कह गए कि अगर चिल्लाया तो गोली मार देंगे। वारदात के बाद सीसीटीवी में दो संदिग्ध युवक कैद भी हुए थे लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका था।