चंडीगढ़। शहर में प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो गया है। बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन इस बार सतर्क है, इसलिए सुखना लेक के आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। इसी इलाके में ज्यादातर प्रवासी पक्षी आते हैं और फरवरी माह तक रुकते हैं। प्रशासन ने बर्ड लू को लेकर सोमवार को सुखना लेक से 48 नमूने एकत्रित किए हैं, जिन्हें जांच के लिए भोपाल स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान में भेजा जाएगा।
प्रवासी पक्षियों से ही यहां स्थानीय पक्षियों में भी बर्ड लू फैलने का खतरा रहता है। पशुपालन विभाग की तरफ से बर्ड लू की रोकथाम के लिए सोमवार को एक दिवसीय ट्रेनिंग कम मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया। इस दौरान पशुपालन, वन विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
नार्थ जोन रीजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी जालंधर के वैज्ञानिकों की तरफ से इस ट्रेनिंग कम मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। पशुपालन विभाग के निदेशक मनीष लोहान ने कहा कि बर्ड लू काफी तेजी से फैलता है और इससे पक्षियों का मृत्यु तो होती ही है, पोल्ट्री प्रोडक्ट्स से संबंधित व्यापार को भी काफी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के तहत ही विभाग ने बर्ड लू की रोकथाम के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है।