चंडीगढ़। नाबालिग बेटी से दुष्कर्म मामले में जिला अदालत ने दोषी पिता को पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने यह फैसला पॉक्सो 2012 एक्ट की धारा 10 के तहत सुनाया है। आईपीसी की धारा 376 (3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत उसे बरी कर दिया गया है।
2019 में पीड़िता ने पुलिस को शिकायत में बताया था कि मैं अपने परिवार के साथ रहती है। मेरे पांच भाई बहन हैं। वारदात के दिन मेरी मां मेरी दो बहनों के साथ गांव गई थी। पिता लोहे का काम करते हैं। जब घर पर कोई नहीं था तब पिता ने मेरे साथ छेड़छाड़ की। मना करने पर उन्होंने मुझे बुरी तरह से पीटा। वह पहले भी ऐसा करते थे, जिसकी जानकारी मैंने अपनी मां को दी थी। उसके बाद मां ने पिता को इस बात पर डांटा भी था। पीड़िता ने अदालत से कहा था कि दोषी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।