झूरीवाला में लगने वाले सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट पर अड़ंगा लग गया है। वाइल्ड लाइफ विभाग की तरफ से इस पर आपत्ति जताई गई है। झूरीवाला में प्लांट न लगाने का कारण बताया गया है कि यह खोल रायतन सेंचुरी के नजदीक प्रस्तावित है। इससे जानवरों और पर्यावरण को खतरा हो सकता है। इसलिए फिलहाल एक बार फिर यह मामला अटक गया है।
स्टेट वाइल्ड लाइफ विभाग की तरफ से झूरीवाला में प्लांट लगाने पर आपत्तियां लगाए जाने के बाद अब मामला नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड को ट्रांसफर कर दिया गया है। बता दें कि यह प्लांट वाइल्ड लाइफ विभाग से मंजूरी मिलने के चलते ही अटका हुआ है।
ग्रीन ट्रिब्यूनल में दाखिल किए गए शपथ पत्र में कहा गया है कि वाइल्ड लाइफ विभाग ने प्रस्तावित जगह का दौरा किया। यह प्लांट सेंचुरी के बॉर्डर पर है, जो वन्य प्राणियों के लिए ठीक नहीं है। इस प्रोजेक्ट को फिर से परखने की जरूरत है।
क्या है झूरीवाला प्लांट
नेशनल हाईवे 73 पर सेक्टर-25 के साथ लगते एरिया में सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट बनना प्रस्तावित है। इसी साल मार्च में इस प्राजेक्ट को पर्यावरण विभाग से कुछ शर्तों के साथ मंजूरी मिली है। जहां प्लांट लगेगा, उसके चारों तरफ आठ फुट ऊंची दीवार होनी चाहिए। हाईवे की तरफ 30 मीटर की ग्रीन बेल्ट बनानी होगी। यहां प्लांट लगाया जाएगा, जहां गंदगी को डंप करके उसे ट्रीट किया जाएगा। पिछले करीब पांच साल से इस योजना के लिए काम चल रहा है।
शहर में 122 टन गंदगी रोजाना
शहर में करीब 122 टन गंदगी रोजाना जमा की जाती है, जो पिछले कई सालों से सेक्टर-23 में फेंकी जा रही है। जहां शहर की गंदगी रोजाना डंप की जाती है, वह स्थायी डंपिंग ग्राउंड नहीं है। इस ग्राउंड का मामला ग्रीन ट्रिब्यूनल में चल रहा है।