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बिजली संकट पर अपनी चुप्पी तोड़े केंद्र सरकार : सौंद

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बोले, कोयले की भारी राष्ट्रीय कमी के कारण पंजाब में समस्या बढ़ी, उत्पादन 1,500 मेगावाट हुआ कम
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आधी क्षमता के साथ चल रहे कई थर्मल प्लांट : सौंद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कोयले की भारी कमी के कारण पंजाब भर में बिजली का संकट खड़ा हो गया है, जिससे बिजली उत्पादन 1,500 मेगावाट तक घट गया है और बड़े थर्मल प्लांट कम क्षमता पर चलाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोयले की कमी के कारण देश भर में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जबकि केंद्र द्वारा कोयले की कम की गई आपूर्ति ने राजपुरा और तलवंडी साबो थर्मल प्लांटों को प्रभावित किया है। बिजली मंत्री ने मांग की है कि केंद्र सरकार तुरंत इस पर अपनी चुप्पी तोड़े और कोयले की कमी को दूर करने और लोगों और उद्योगों को बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए।
सौंद ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से राज्य में बिजली की कमी के कारण मजबूरी में घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती की जा रही है।
देश भर के कई थर्मल पावर प्लांटों के पास सिर्फ तीन से चार दिनों का ही कोयला स्टॉक बचा है। पंजाब के प्राइवेट थर्मल पावर प्लांट भी ऐसी ही स्थिति का सामना कर रहे हैं, जहां कोयले की कमी के कारण आधी क्षमता पर बिजली उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिन थर्मल प्लांटों को पंजाब सरकार द्वारा कोयले की आपूर्ति की जाती है, वहां राज्य सरकार के प्रयासों से अभी भी लगभग 10 दिनों का कोयला स्टॉक उपलब्ध है।
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उन्होंने कहा कि राजपुरा के नाभा पावर लिमिटेड थर्मल प्लांट और मानसा के तलवंडी साबो थर्मल प्लांट पर केंद्र द्वारा कोयला आपूर्ति की जाती है लेकिन वह कोयले की पूरी आपूर्ति सुनिश्चित बनाने में असमर्थ रही। उन्होंने कहा कि केंद्र को स्पष्ट करना चाहिए कि कोयले की इस कमी पर काबू पाने में कितना समय लगेगा, ताकि पंजाब की आम जनता और उद्योगों को बिना रुकावट बिजली आपूर्ति दी जा सके।

**पंजाब में बिजली संकट: मंत्री सौंद ने केंद्र से कोयले की कमी पर चुप्पी तोड़ने को कहा**
चंडीगढ़। बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने पंजाब में बिजली संकट पर बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर कोयले की भारी कमी इसका मुख्य कारण है। इससे राज्य में बिजली उत्पादन 1,500 मेगावाट तक घट गया है।
सौंद ने कहा कि देश भर में कोयले की कमी से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। केंद्र द्वारा कोयले की कम आपूर्ति ने राजपुरा और तलवंडी साबो थर्मल प्लांटों को प्रभावित किया है। कई बड़े थर्मल प्लांट कम क्षमता पर चलाने को मजबूर हो रहे हैं। बिजली मंत्री ने केंद्र सरकार से इस पर तुरंत चुप्पी तोड़ने की मांग की है। उन्होंने कोयले की कमी दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा।
इसका उद्देश्य लोगों और उद्योगों को बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। दो-तीन दिन से राज्य में घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती हो रही है। यह बिजली की कमी के कारण मजबूरी में की जा रही है।

कोयले के भंडार की स्थिति :
देश भर के कई थर्मल पावर प्लांटों के पास सिर्फ तीन से चार दिन का कोयला भंडार बचा है। पंजाब के निजी थर्मल पावर प्लांट भी ऐसी ही स्थिति का सामना कर रहे हैं। यहां कोयले की कमी के कारण आधी क्षमता पर बिजली उत्पादन हो रहा है। जिन थर्मल प्लांटों को पंजाब सरकार कोयला देती है, वहां लगभग 10 दिनों का भंडार अभी भी उपलब्ध है।
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केंद्र से स्पष्टीकरण की मांग :
राजपुरा के नाभा पावर लिमिटेड थर्मल प्लांट और मानसा के तलवंडी साबो थर्मल प्लांट को केंद्र कोयला देता है। हालांकि केंद्र पूरी आपूर्ति सुनिश्चित करने में असमर्थ रहा है। सौंद ने कहा कि केंद्र को स्पष्ट करना चाहिए कि कोयले की इस कमी पर काबू पाने में कितना समय लगेगा। इससे पंजाब की आम जनता और उद्योगों को बिना रुकावट बिजली मिल सकेगी।
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