चंडीगढ़। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब राजभवन के बाहर धरना देने जा रहे पंजाब कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन के नजदीक ही रोक दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेडिंग पर धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी कार्यकर्ताओं का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ कर रहे थे।
सुनील जाखड़ ने कार्यकर्ताओं को कहा कि केंद्र सरकार का अहंकार देश की सांविधानिक संस्थाओं के लिए चुनौती बना हुआ है और केंद्र सरकार अपने ही लोगों को गुलाम बनाने की नीति पर चल रही है। इससे पहले जाखड़ ने पंजाब कांग्रेस भवन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसान आंदोलन में किसानों की शहादत के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है। पहले मोदी सरकार ने अपनी गलत नीतियों के कारण गलवां घाटी में निहत्थे जवान मरवा दिए और अब यह अपने ही किसानों को मरने पर मजबूर कर रही है। किसान आज एक धर्म युद्ध लड़ रहे हैं, जिसमें न केवल पंजाब बल्कि देश के सभी प्रदेशों के किसान भाग ले रहे हैं । केंद्र सरकार का तानाशाही व्यवहार देश के लोगों को गुलाम बनाने वाला है । कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार की गलत नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी। कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस अवसर पर परनीत कौर, कैबिनेट मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, साधु सिंह धर्मसोत, विधायक सुनील दत्ती, विधायक हरमिंदर सिंह गिल, युवा कांग्रेस अध्यक्ष बरिंद्र सिंह ने भी संबोधित किया।
रोष मार्च में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कैबिनेट मंत्री तृप्त राजेंद्र सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, सुंदर शाम अरोड़ा, बलबीर सिंह सिद्धू, गुरप्रीत सिंह कांगड़, भारत भूषण आशू, सांसद मोहम्मद सदीक, अमर सिंह, सुशील कुमार रिंकू, संजय तलवार, बलविंदर सिंह धालीवाल, हरदयाल कंबोज, संगत सिंह गिलजिया, राजकुमार चब्बेवाल, राजकुमार वेरका, सुरेंद्र डाबर, इंदु बाला, संतोष चौधरी, गुरकीरत सिंह कोटली, लखबीर सिंह लक्खा, बरिंदर मीत सिंह पहाड़ा, अंगद सैनी, गुरप्रीत सिंह जीपी, मदन लाल जलालपुर, राजेंद्र बेरी आदि भी शामिल थे।