जांच में नहीं मिले फर्जी नामांकन के प्रमाण, 11 अगस्त को कोर्ट में होगी सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में वर्ष 2014 से 2016 के दौरान कथित चार लाख फर्जी दाखिलों के मामले में सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर शिक्षा विभाग को बड़ी राहत दी है। जांच एजेंसी ने कहा है कि जांच के दौरान फर्जी दाखिलों के आरोप प्रमाणित नहीं हुए। पंचकूला की विशेष अदालत में दाखिल रिपोर्ट पर अब 11 अगस्त को सुनवाई होगी।
सीबीआई के अनुसार स्कूलों में दर्ज बड़ी संख्या में दाखिले प्रवासी मजदूर परिवारों के बच्चों के थे। इन बच्चों का नामांकन तो हुआ, लेकिन बाद में परिवारों के अन्य स्थानों पर चले जाने या पढ़ाई छोड़ देने के कारण उनकी नियमित उपस्थिति नहीं रही। इसी वजह से रिकॉर्ड में विसंगतियां दिखाई दीं, जिन्हें फर्जी दाखिलों के रूप में देखा गया।
जांच के दौरान सीबीआई ने 10 हजार से अधिक शिक्षकों, प्राचार्यों और शिक्षा अधिकारियों के बयान दर्ज किए। इसके अलावा 12 हजार से अधिक स्कूलों के रिकॉर्ड की जांच की गई। एजेंसी को किसी बड़े स्तर की साजिश या फर्जी नामांकन के प्रमाण नहीं मिले, जिसके बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई।
हालांकि शिकायतकर्ता और विजिलेंस के पूर्व अधिकारी सीबीआई के निष्कर्ष से सहमत नहीं हैं। अदालत ने शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा है। अगली सुनवाई में उनकी आपत्तियों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद अदालत तय करेगी कि क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की जाए या मामले में आगे जांच कराई जाए।
करीब 82,500 पन्नों के रिकॉर्ड से जुड़ा यह मामला हरियाणा शिक्षा विभाग के सबसे चर्चित विवादों में शामिल रहा है। अब सभी की नजरें 11 अगस्त की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां मामले की आगे की दिशा तय हो सकती है।