फर्जी खातों और शेल कंपनियों के जरिए गबन की आशंका, आमने-सामने पूछताछ से खुलेगी साजिश
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। आईडीएफसी बैंक में हुए 590 करोड़ के घोटाले के मामले में सीबीआई ने पंचकूला की विशेष अदालत में अर्जी दाखिल कर अंबाला जेल में बंद आरोपियों का पांच दिन का रिमांड मांगा है।
सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा ने अदालत को बताया कि जांच में बड़ी साजिश के संकेत मिले हैं। आरोप है कि आईडीएफसी फर्स्ट और एयू बैंक जैसे बैंकों में फर्जी खाते खुलवाकर सरकारी फंड को लेयरिंग के जरिए ट्रांसफर किया गया और बाद में भारी रकम नकद निकाली गई। एजेंसी को शक है कि पैसा शेल कंपनियों के जरिए ठिकाने लगाया गया।
इन आरोपियों पर सीबीआई की नजर
रिमांड के लिए जिन पांच आरोपियों के प्रोडक्शन वारंट मांगे गए हैं, उनमें बैंक अधिकारी अरुण शर्मा, बैंक कर्मचारी सीमा धीमान, अनुज कौशल, प्रियंका और ज्वेलर राजन सिंह कटोदिया शामिल हैं।
यह मामला 23 फरवरी को पंचकूला स्टेट विजिलेंस द्वारा दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार और केंद्र की मंजूरी के बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने नई एफआईआर दर्ज कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत जांच को आगे बढ़ाया है।