50 करोड़ से अधिक के निवेश घोटाले का मामला
फर्जी दस्तावेज और एफडी रसीदें तैयार करने का दावा
डिजिटल साक्ष्य और धन के प्रवाह की जांच के लिए मांगी रिमांड
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा लेबर वेलफेयर बोर्ड के 50 करोड़ रुपये से अधिक के कथित निवेश घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बोर्ड के दो कर्मचारियों की तीन दिन की पुलिस रिमांड मांगी है। एजेंसी ने विशेष अदालत में दायर अर्जी में कहा है कि अकाउंट्स ऑफिसर जुगल किशोर और कांट्रैक्ट अकाउंट्स क्लर्क अमित कुमार ने अन्य लोगों के साथ मिलकर सरकारी धन के कथित दुरुपयोग में अहम भूमिका निभाई।
सीबीआई के अनुसार, दोनों आरोपियों ने नियमों की अनदेखी कर सेक्टर-32 स्थित एक बैंक में हरियाणा लेबर वेलफेयर बोर्ड के नाम से अनधिकृत सेविंग्स अकाउंट खुलवाया। आरोप है कि इसी खाते के माध्यम से करोड़ों रुपये विभिन्न शेल कंपनियों में स्थानांतरित किए गए।
जांच एजेंसी ने अर्जी में कहा है कि कांट्रैक्ट अकाउंट्स क्लर्क अमित कुमार ने एफडी के नाम पर नोटशीट तैयार की, बैंक से पत्राचार किया और बाद में विभागीय रिकॉर्ड में कथित रूप से बैकडेटेड दस्तावेज और फर्जी एफडी रसीदें लगाईं। वहीं अकाउंट्स ऑफिसर जुगल किशोर पर अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता होने के बावजूद खाते के संचालन की निगरानी नहीं करने और कथित अनियमितताओं को नहीं रोकने का आरोप लगाया गया है।
सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामले की साजिश, धन के प्रवाह, बैंक अधिकारियों की संभावित भूमिका, डिजिटल साक्ष्यों, व्हाट्सएप चैट और अन्य दस्तावेजों की जांच के लिए दोनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ जरूरी है। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ से घोटाले में शामिल अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क से जुड़े अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।