प्रिंस (काल्पनिक नाम) हत्याकांड में पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने चार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक धाराओं में आरोप तय किए हैं।
इससे पहले हुई सुनवाई में अदालत ने सभी आरोपियों की आरोपमुक्त करने की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उपलब्ध साक्ष्य उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी 2026 को होगी।
इस केस में आरोप तय किए गए पुलिस अधिकारी तत्कालीन निरीक्षक नरेंद्र सिंह खटाना, तत्कालीन एसीपी बीरम सिंह, तत्कालीन उप-निरीक्षक शमशेर सिंह और तत्कालीन ईएसआई सुभाष चंद हैं। अदालत पहले ही इन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, कानून का उल्लंघन, गलत व झूठे दस्तावेज तैयार करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़, दबाव व यातना के जरिये स्वीकारोक्ति जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा चलाने का आदेश दे चुकी है।
2017 में गुरुग्राम में हुई थी संदिग्ध माैत
यह मामला वर्ष 2017 में गुरुग्राम के एक निजी स्कूल में छात्र प्रिंस की रहस्यमयी हत्या से जुड़ा है। शुरुआती जांच में स्कूल बस कंडक्टर अशोक कुमार को मुख्य आरोपी बताकर हिरासत में लिया गया था। बाद में जांच सीबीआई को सौंपी गई तो सामने आया कि पुलिस अधिकारियों ने न सिर्फ साक्ष्यों से छेड़छाड़ की बल्कि अशोक कुमार पर दबाव बनाकर झूठी स्वीकारोक्ति लेने की कोशिश भी की। उसका नाम उछालने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी अधिकारियों ने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग किया और न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने की मंशा दिखाई। एक निर्दोष व्यक्ति को यातना देकर अपराध स्वीकार करवाने का प्रयास जैसे गंभीर कृत्य न्याय व्यवस्था को आहत करने वाले हैं।