फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: सीबीआई ने एस्टेट ऑफिस 2012 से 16 तक का मांगा रिकॉर्ड, सीबीआई रडार पर अफसर

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। एस्टेट ऑफिस के अधिकारी सीबीआई की रडार पर हैं। सीबीआई ने एस्टेट ऑफिस से साल 2012 से 2016 तक का रिकॉर्ड मांगा है। सीबीआई ने पूछा है कि एस्टेट ऑफिस से 2012 से 2016 तक कितने लोगों ने परमिशन मांगी थी। कितने लोगों को परमिशन किन ग्राउंड्स पर दी गई। साथ ही पूछा कि किन अफसरों ने यह परमिशन दी। सीबीआई के अफसर संदेह के घेरे में हैं।
विज्ञापन

आरोप के अनुसार एस्टेट ऑफिस के अधिकारियों की मिलीभगत से एनवायरनमेंट और वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस लिए बिना बर्कले रियलटेक लिमिटेड, गोदरेज एस्टेट डेवलपर्स ने प्रोजेक्ट तैयार किए।
सीबीआई ने पंजाब राजभवन के अंडर सेक्रेटरी भीमसेन गर्ग की शिकायत पर बर्कले रियलटेक लिमिटेड, गोदरेज एस्टेट डेवलपर्स और एस्टेट ऑफिस के अज्ञात अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
विज्ञापन


दोनों कंपनियों ने 2014 में प्रोजेक्ट के लिए किया था आवेदन
सीबीआई जांच के अनुसार बर्कले रियलटेक लिमिटेड ने 12 अगस्त, 2014 को बर्कले स्क्वायर नाम के प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए आवेदन किया था। वहीं, गोदरेज एस्टेट डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने नवंबर 2014 को अपने प्रोजेक्ट गोदरेज इटर्निया के लिए आवेदन किया था। जांच में सामने आया कि एस्टेट ऑफिस की मिलीभगत से दोनों कंपनियों को फायदे पहुंचाए गए।
जांच में सामने आया कि जिस समय दोनों कंपनियों ने प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया था, उस समय चंडीगढ़ में सुखना वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी और सिटी बर्ड सेंक्चुरी सेक्टर-21 के लिए ईको-सेंसेटिव जोन का दायरा 10 किलोमीटर था। सितंबर 2015 को उप वन संरक्षक की टीम ने निरीक्षण किया। इसमें पता चला कि बर्कले स्क्वायर प्रोजेक्ट 5.2 किलोमीटर और सेक्टर-21 की बर्ड सेंक्चुरी से 3.2 किलोमीटर दूर था, लेकिन कंपनी ने जानबूझकर प्रोजेक्ट पूरा करने के बाद मंजूरी को आवेदन किया था। वहीं, प्रोजेक्ट गोदरेज इटर्निया के लिए नवंबर 2014 में वन विभाग ने निरीक्षण किया था। इसमें पाया गया कि प्रोजेक्ट सुखना वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी से 6. 6 और सिटी बर्ड सेंक्चुरी से 4 किलोमीटर की दूरी पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें